प्रयागराज में वर्षभर संगम, बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट तथा अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने मेलाधिकारी श्री ऋषि राज तथा सेना एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न संभावित पार्किंग स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पार्किंग व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुगम एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के संबंध में विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने संगम अपर, बड़े हनुमान मंदिर के समीप तथा अक्षयवट मार्ग पर ऐसे पार्किंग स्थलों के विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया, जहां श्रद्धालुओं को वाहन पार्किंग के साथ-साथ सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। प्रस्तावित पार्किंग स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, समुचित प्रकाश व्यवस्था, दिशासूचक साइनेज, नौकाओं के निर्धारित किराये से संबंधित रेट बोर्ड, खानपान की सुविधाएं तथा सुरक्षा एवं निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने पर चर्चा की गई। इससे श्रद्धालुओं को आवागमन एवं दर्शन के दौरान अधिक सुविधा प्राप्त होगी तथा आवश्यक सूचनाएं भी सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि पार्किंग व्यवस्था को स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों एवं बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दो स्तरों पर विकसित किया जाएगा। सामान्य परिस्थितियों में चिन्हित पार्किंग स्थलों का उपयोग किया जाएगा, जबकि बाढ़ के दौरान वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था को सभी आवश्यक सुविधाओं सहित 17 नंबर पार्किंग क्षेत्र के निकट संचालित किया जाएगा। इससे वर्षभर श्रद्धालुओं को निर्बाध एवं सुगम पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा सकेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी समन्वित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार किया गया है, जिसके अंतर्गत एक निर्धारित अवधि के लिए पार्किंग शुल्क जमा करने के उपरांत श्रद्धालु विभिन्न अधिकृत पार्किंग स्थलों का उपयोग कर सकेंगे। उदाहरणस्वरूप, यदि कोई श्रद्धालु संगम क्षेत्र के भ्रमण हेतु किसी पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा करता है और बाद में बड़े हनुमान मंदिर अथवा अन्य स्थलों के दर्शन के लिए वाहन को किसी अन्य अधिकृत पार्किंग स्थल पर ले जाता है, तो उसे पुनः अतिरिक्त पार्किंग शुल्क नहीं देना होगा। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ अनावश्यक आर्थिक भार को भी कम करेगी।
सुरक्षा एवं सर्विलांस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी पार्किंग स्थलों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिनकी निगरानी आई-ट्रिपल-सी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के माध्यम से मेला प्राधिकरण एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। इससे पार्किंग स्थलों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि पार्किंग व्यवस्था से संबंधित सभी प्रस्तावित सुविधाओं एवं प्रावधानों को कैंट बोर्ड द्वारा जारी किए जाने वाले आगामी टेंडर में समुचित रूप से सम्मिलित किया जाए। उन्होंने कहा कि मेला प्राधिकरण, सेना, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं उच्च गुणवत्ता की सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
