लखनऊ /आजमगढ़ : 15 जून 2026
आजमगढ़:भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहाँ इंसान अपने लिए पानी की व्यवस्था कर लेता है, वहीं सड़कों पर घूमने वाले बेजुबान पशु-पक्षी पानी की एक-एक बूंद के लिए भटकते नजर आते हैं। उनकी इसी मौन पीड़ा को समझते हुए गांधीगिरी टीम परिवर्तन सेवा संस्थान ने जनपद आजमगढ़ में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए जलपात्र अभियान की शुरुआत की है।
संस्थान द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर जलपात्र रखकर पशु-पक्षियों के लिए पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। अभियान का उद्देश्य केवल पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में करुणा, दया और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करना भी है।
गांधीगिरी टीम के सदस्यों का कहना है कि सेवा का वास्तविक स्वरूप वही है, जिसमें बिना किसी अपेक्षा के जरूरतमंदों की सहायता की जाए। गर्मी के मौसम में एक जलपात्र किसी प्यासे पशु के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। यह छोटा-सा प्रयास मानवता का बड़ा संदेश देता है।
इस अभियान को सफल बनाने में टीम के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से निखिल, उज्ज्वल श्रीवास्तव, प्रतीक श्रीवास्तव, घनश्याम गुप्ता, मनीष, अंजनी, अंकित, वैभव सिंह और उदय प्रताप सिंह उर्फ रिशु सिंह सहित अन्य सहयोगियों ने सक्रिय सहभागिता और समर्पण के साथ योगदान दिया।
संस्थान के सचिव विवेक पांडेय ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और मोहल्लों के बाहर एक छोटा-सा जलपात्र अवश्य रखें। यह कार्य न तो अधिक खर्चीला है और न ही कठिन, लेकिन इससे किसी बेजुबान की प्यास बुझ सकती है और उसका जीवन बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मानवता की पहचान केवल बड़े कार्यों से नहीं, बल्कि ऐसे छोटे-छोटे संवेदनशील प्रयासों से भी होती है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में एक छोटा कदम बढ़ाए तो गर्मी के मौसम में हजारों पशु-पक्षियों को राहत मिल सकती है।
विवेक पांडेय ने कहा, "एक पात्र पानी का, अनगिनत दुआओं का कारण बन सकता है।" उन्होंने सभी लोगों से इस सेवा अभियान में सहभागी बनने और बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
