Prayagraj: बक्शी बांध रेलवे पुल का दो फीसदी कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। 98 फीसदी कार्य होने बाद भी करीब नौ महीने से पुल का काम लटका हुआ है। इसकी वजह से लोगों को भीषण जाम से होकर गुजरना पड़ रहा है। आधे-अधूरे पुल निर्माण कार्य की फैली मिट्टी में बारिश होते ही फिसलन भी पैदा हो गई है। बक्शी बांध पर दो रेलवे फाटक को बंद करने के लिए 2013 के बजट में आरओबी की मंजूरी मिली थी। इसके बाद बजट आवंटित होने में वक्त लगा। 2019 के कुंभ के पहले ही यह काम पूरा हो जाना था। नवंबर 2020 में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रेलवे पुल का शिलान्यास किया था। उस वक्त कहा गया था कि इसे नवंबर 2021 में पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन डेडलाइन बीतने के डेढ़ साल बाद भी पुल चालू नहीं हो सका है। निर्माण कार्य में हुई लेटलतीफी के कारण पुल की लागत 21 करोड़ 17 लाख 16 हजार रुपये पहले ही बढ़ चुकी थी। पुल निर्माण के लिए बिठाई गई जांच भी पूरी हो चुकी है, लेकिन फिर भी बचा हुआ दो फीसदी कार्य न हो पाने से बारिश के मौसम में लोगों की समस्या और भी बढ़ गई। समय से पुल न बनने के कारण लोगों को दफ्तर डेढ़ घंटे पहले निकलना पड़ता है। जुलाई में स्कूलों के अलावा हाईकोर्ट भी खुल जायेगा। मानसून ने भी दस्तक दे दी है। ऐसे में लोगों को जाम की समस्या अब और भी झेलनी पड़ सकती है।
बक्शी रेलवे पुल एक नजर
1-आरओबी की प्राथमिक लागत 5282.36 लाख
2-आरओबी का रिवाइज्ड बजट 7410.32 लाख
3-रेलवे की ओर से दिया गया बजट 18.45 करोड़
4-आरओबी की कुल लंबाई 869.27 मीटर
5-आरओबी में कुल पिलर 30
बक्शी बांध पुल का शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए शासन द्वारा एक बार फिर से कुछ जानकारियां मांगी गई हैं।