
प्रयागराज: दुष्कर्म का यह मुकदमा 11 साल तक न्यायालय के विचाराधीन रहा। सोमवार को मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरेापित अर्जुन बड्डी को दुष्कर्म का दोषी पाया और उसे सजा सुना दी। अन्य को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया गया। कौशांबी में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट बीना नारायण की अदालत ने दुष्कर्म के एक आरोपित को सात साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया। शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मौर्या के अनुसार पइंसा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला को 15 जून 2013 को अर्जुन बड्डी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चार पहिया वाहन में अपहरण कर लिया था।
गाड़ी में उठा ले गए थे, एक आरोपित को मिली सजा
अपहरण के बाद इन सभी ने महिला के साथ साथ दुष्कर्म किया। मामले में पीड़िता
ने पुलिस को तहरीर देकर पड़ोसी अर्जुन बड्डी समेत चार पर अपहरण, दुष्कर्म व
एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया। मामले का विचारण विशेष न्यायाधीश
एससीएसटी एक्ट बीना नारायण की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से शासकीय
अधिवक्ता पंकज सोनकर व धर्मेंद्र मौर्य ने नौ गवाहों को न्यायालय के समक्ष
पेश किया। 11 साल तक मुकदमा न्यायालय के विचाराधीन रहा। सोमवार को मामले की
अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरेापित अर्जुन बड्डी को दुष्कर्म का
दोषी पाया और उसे सजा सुना दी। अन्य को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर
दिया गया।
होली के दौरान हुए झगड़े में सात के खिलाफ मुकदमा
कौशांबी- सरायअकिल के बुद्धपुरी मोहल्ले में 10 दिन पहले होली खेलने के दौरान रंग डालने को लेकर हुए विवाद में मंगलवार को पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपितों की तलाश शुरू कर दी।पुलिस को दी गई तहरीर में सरायअकिल के बुद्धपुरी मोहल्ला निवासी देवा सोनी पुत्र दुर्गा प्रसाद ने बताया कि 25 मार्च को शाम करीब साढ़े चार बजे मोहल्ले में होली खेली जा रही थी। इस बीच होली के हुड़दंग में रंग डालने को लेकर उनका गल्ला मंडी निवासी सुंदरम केशरवानी, पवन केशरवानी, ईशू केशरवानी, मनीष केशरवानी, आनंद जायसवाल, शिवबोध जायसवाल, पालजी से विवाद हो गया। इसके बाद सभी ने उनसे गाली-गलौज करते हुए खदेड़ लिया। वह भागकर घर में छिप गए लेकिन इन लोगों ने घर में घुसकर उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची बहन नंदनी, माता गिरजा देवी, भाभी सुषमा देवी को भी हमलावरों ने पीट दिया। पीड़ितों ने मामले की तहरीर पुलिस को दी तो पुलिस ने घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराकर मामले की जांच शुरू कर दी। 10 दिन बाद मंगलवार को सरायअकिल पुलिस ने सातों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर उनकी तलाश शुरू कर दी।
