
प्रयागराज: डा. एंथनी जोसेफ ने कहा कि शिक्षक को विद्यार्थियों को तराशने का प्रयास करना चाहिए। उनमें कौन से गुण खास हैं उसे खोजने का प्रयास करना चाहिए। शिक्षण बहुउद्देशीय चुनौतियों से भरी प्रक्रिया है। संवेदनशीलता के साथ बाल मनोभाव को समझकर धैर्य के साथ अध्यापन के बेहतर नतीजे मिलेंगे। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए नए सत्र की शुरुआत हो चुकी है। शिक्षकों के लिए भी विद्यालय प्रबंधन ओरिएंटेशन कोर्स करा रहे हैं। इसी कड़ी में सेंट जोसफ कालेज में अध्यापकों को बेहतर अध्यापन के गुर बताए गए। पहले सत्र में पांचवीं कक्षा तक और दूसरे सत्र में कक्षा छह से बारहवीं तक के बच्चों को पढ़ाने वाले अध्यापक शामिल हुए।
डा. एंथनी जोसेफ बोले- शिक्षक विद्यार्थियों में खास गुण को खोजें
मुख्य वक्ता डा. एंथनी जोसेफ रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को
विद्यार्थियों को तराशने का प्रयास करना चाहिए। उनमें कौन से गुण खास हैं
उसे खोजने का प्रयास करना चाहिए। कहा कि शिक्षण बहुउद्देशीय चुनौतियों से
भरी प्रक्रिया है। संवेदनशीलता के साथ बाल मनोभाव को समझकर धैर्य के साथ
अध्यापन के बेहतर नतीजे मिलेंगे। कार्यक्रम संचालन लिंडा गैफीनी ने किया।
इस मौके पर प्रधानाचार्य रेव फादर थामस कुमार, रेव फादर मंडापल्ली, ज्योति
दुबे आदि मौजूद रहीं।
वित्तविहीन स्कूलों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाने पर अपत्ति
शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने बोर्ड परीक्षा 2022 में वित्तविहीन
विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाने के आदेश पर
आपत्ति जताई है। कहा कि डीआइओएस के माध्यम से जो आदेश दिया जा रहा है यह
दुखद और अपमानजनक है। इस आदेश से पूरे वर्ग पर अविश्वास किया जा रहा है।
वर्ष पर्यंत अच्छी शिक्षा देने वाले एवं अच्छी व्यवस्था देने वाले
प्रधानाचार्य बोर्ड परीक्षा के समय अक्षम कैसे हो सकते हैं। इस प्रकरण पर
शिक्षा मंत्री से वार्ता की जाएगी। तत्काल प्रभाव से इस आदेश को समाप्त
कराने की मांग करेंगे। माध्यमिक शिक्षा का बड़ा भाग स्ववित्तपोषित विद्यालय
संभाले हुए हैं। उन्हीं पर अविश्वास दुखद है। विधानमंडल के आगामी सत्र में
भी इस प्रकरण को सदन में उठाएंगे।
ड्यूटी न करने पर वाह्य केंद्र व्यवस्थापक के निलंबन की संस्तुति
शिव इंटर कालेज, कटहरा के सहायक अध्यापक कृष्ण कुमार की ड्यूटी लक्ष्मी कुमारी सुरेश चंद्र जायसवाल इंटर कालेज धोबहा में वाह्य केंद्र व्यवस्थापक के रूप में लगाई गई थी। सोमवार को डीआइओएस ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया तो वह अनुपस्थित पाए गए। पूछताछ में पता चला कि वह सिर्फ एक दिन ड्यूटी के लिए आए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआइओएस ने तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 अध्याय तीन (सेवा की शर्तें) विनियम 109 के तहत निलंबन/अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की।
