गोण्डा (ब्यूरो रिपोर्ट - शिव शरण): 01 अगस्त 2026 को तहसील सदर, जनपद गोण्डा में आयोजित 'संपूर्ण समाधान दिवस' के अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) देवीपाटन परिक्षेत्र श्री अशोक कुमार ने स्वयं जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।
डीआईजी श्री अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। इसके लिए पुलिस और राजस्व विभाग को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करना होगा।
जनसुनवाई व निस्तारण के प्रमुख निर्देश
समन्वित कार्रवाई पर जोर: पुलिस एवं राजस्व विभाग को मिलकर भूमि विवाद और अन्य जनहित से जुड़े मामलों का पारदर्शी व संयुक्त निस्तारण करने का निर्देश दिया गया।
समय-सीमा और गुणवत्ता: शिकायतों का निस्तारण तय समय-सीमा के भीतर हो और उसकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
तथ्यात्मक जांच अनिवार्य: किसी भी जनशिकायत का समाधान केवल कागजी या औपचारिक न होकर, मौके पर तथ्यात्मक जांच के उपरांत किया जाए।
"फरियादी की संतुष्टि ही असली निस्तारण"
समाधान दिवस पर अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित करते हुए डीआईजी ने कहा:
"किसी भी शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता के आधार पर नहीं होना चाहिए। शिकायत का वास्तविक निस्तारण तभी माना जाएगा जब तथ्यात्मक जांच के बाद शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो।"
उन्होंने कहा कि राजस्व, भूमि विवाद और जनहित से जुड़े मामलों में दोनों विभागों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जाकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित को बार-बार चक्कर न लगाने पड़े।

