मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने विद्युत सुरक्षा की समीक्षा करते हुए खुले एवं असुरक्षित वितरण परिवर्तकों की प्राथमिकता के आधार पर फेंसिंग/बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए
मंडल में 1,863 वितरण परिवर्तक चिन्हित किए गए हैं, जिनकी फेंसिंग का कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप तीन माह के भीतर पूर्ण कराया जाएगा
प्रयागराज मंडल में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने आज मुख्य अभियंता (वितरण), प्रयागराज क्षेत्र प्रथम एवं द्वितीय के साथ बैठक कर विभिन्न क्षेत्रों में खुले अथवा अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ स्थापित वितरण परिवर्तकों की स्थिति की समीक्षा की।
मंडलायुक्त ने कहा कि खुले में स्थापित वितरण परिवर्तकों के चारों ओर पर्याप्त फेंसिंग/बैरिकेडिंग न होने से आमजन, विशेषकर बच्चों एवं पशुओं के लिए विद्युत दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने निर्देशित किया कि ऐसे सभी वितरण परिवर्तकों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर फेंसिंग का कार्य कराया जाए। साथ ही, ट्रांसफार्मर के आसपास तकनीकी मानकों के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मंडलायुक्त के निर्देशों के क्रम में प्रयागराज के शहरी क्षेत्र में विद्युत नगरीय वितरण मंडल-प्रथम के अंतर्गत 200 तथा विद्युत नगरीय वितरण मंडल-द्वितीय के अंतर्गत 300, कुल 500 वितरण परिवर्तकों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया है। इसी प्रकार मंडल के अन्य क्षेत्रों में विद्युत वितरण मंडल-प्रथम (यमुनापार), प्रयागराज में 347, विद्युत वितरण मंडल-द्वितीय (गंगापार), प्रयागराज में 316, विद्युत वितरण मंडल-फतेहपुर में 320, विद्युत वितरण मंडल-प्रतापगढ़ में 224 तथा विद्युत वितरण मंडल-कौशाम्बी में 156 वितरण परिवर्तकों को चिन्हित किया गया है।
संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चिन्हित सभी स्थलों पर फेंसिंग एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं का कार्य तीन माह के भीतर गुणवत्तापूर्वक एवं निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण करा दिया जाएगा।

