प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं में शामिल समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हर्षिका सिंह की अध्यक्षता एवं अपर ज़िलाधिकारी सत्यम मिश्रा की उपस्थिति में आयोजित इस विस्तृत समीक्षा बैठक में पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों, उनके निस्तारण की स्थिति और लंबित प्रकरणों का विभागवार जायजा लिया गया।
मुख्यमंत्री जी को सौंपे गए आवेदनों के लिए बनेगा अलग रजिस्टर
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने आम जनता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी और जनप्रतिनिधियों से मिलकर दिए गए प्रार्थना पत्रों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि ऐसे सभी प्रकरणों को कार्यालय स्तर पर एक अलग रजिस्टर में तत्काल दर्ज (रजिस्टर्ड) किया जाए और नियमानुसार त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। CDO ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त मामलों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
असंतोषजनक फीडबैक पर तलब किया स्पष्टीकरण
जनता से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने अत्यधिक असंतोषजनक रिपोर्ट वाले विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और उन्हें तत्काल अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद उनका क्रॉस-वेरीफिकेशन और परीक्षण भी किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिकायतकर्ता वास्तव में समाधान से संतुष्ट है या नहीं।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: आईजीआरएस पोर्टल की सभी शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता न होकर गुणवत्तापूर्ण और नियमानुसार होना चाहिए।
समयसीमा का पालन: जिन विभागों में शिकायतें लंबित हैं, वे प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण कर समय से पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करें।
स्थायी समाधान: बार-बार एक ही विषय से संबंधित आने वाली शिकायतों के कारणों की पहचान कर उनका स्थायी समाधान निकाला जाए।
बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने दोहराया कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

