माननीय सांसद की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास, प्रयागराज शाषी परिषद एवं प्रबंध समिति की बैठक सम्पन्न
*बैठक में समिति के द्वारा अप्रत्यक्ष व प्रत्यक्ष रूप से खनन से प्रभावित क्षेत्रों के सभी जूनियर व प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के बैठने हेतु फर्नीचर की व्यवस्था किए जाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया गया*
*मा0 जनप्रतिनिधिगण राजस्व गांवों की सूची का अवलोकन कर छूटे नामों को सूची में सम्मिलित किए जाने हेतु उपलब्ध करायें*
*शासन की मंशा के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं अन्य जनकल्याणकारी कार्यों पर प्राथमिकता के आधार पर जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की धनराशि का उपयोग होे-मा0 सांसद*
*खनन से प्रभावित क्षेत्रों के विकास हेतु सभी मा0 जनप्रतिनिधिगण अपने-अपने प्रस्ताव तीन दिवस के अंदर उपलब्ध करायें-मा0 सांसद*
*प्रयागराज 07 जुलाई, 2026।*
मा0 सांसद फूलपुर श्री प्रवीण पटेल की अध्यक्षता एवं मा0 विधायक कोरांव श्री राजमणि कोल, मा0 विधायक फूलपुर श्री दीपक पटेल, माननीय विधायक फाफामऊ श्री गुरु प्रसाद मौर्य, मा0 विधायक करछना श्री पीयूष रंजन निषाद व मा0 सांसद इलाहाबाद के प्रतिनिधि श्री विनय कुशवाहा, मा0 विधायक शहर पश्चिम के प्रतिनिधि श्री प्रमोद कुमार तथा मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की उपस्थिति में जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास, प्रयागराज की शाषी परिषद एवं प्रबंध समिति की बैठक मंगलवार को संगम सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक मुख्यतः जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास के अन्तर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों व प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन के लिए आहूत की गयी। बैठक में जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास के अन्तर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की गयी तथा जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी।
बैठक में ज्येष्ठ खनन अधिकारी श्री के0के0 राय के द्वारा अवगत कराया गया कि भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा खनन क्षेत्र के विकास हेतु प्रत्यक्ष रूप से व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र का खनन पट्टा क्षेत्र से दूरी के आधार पर निर्धारण किया गया। बताया कि जनपद प्रयागराज के विभिन्न तहसीलों में स्थित खनन पट्टा क्षेत्र को केन्द्र बिन्दु मानते हुए 0 से 05 किलोमीटर की परिधि में आने वाले राजस्व गांव प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र कहलायेगें तथा 05 से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले राजस्व गांव अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र है। उक्त प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्र के विकास हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक क्रमशः प्रतिवर्ष कुल मात्राकृत धनराशि का 70: 30 अनुपात में धनराशि व्यय की जायेगी एवं प्रत्यक्ष क्षेत्र के लिए निर्धारित 70 प्रतिशत धनराशि में से पुनः 70 प्रतिशत की धनराशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर तथा 30 प्रतिशत की धनराशि अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय किया जाना है। अप्रत्यक्ष क्षेत्र के लिए निर्धारित 30 प्रतिशत धनराशि में से पुनः 70 प्रतिशत की धनराशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर तथा 30 प्रतिशत की धनराशि अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय किया जायेगा। प्राथमिकता वाले कार्य में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, महिला, बाल, वयोवृद्ध एवं निःशक्त लोगो का कल्याण, कौशल विकास एवं आजीविका सृजन आदि तथा भौतिक अवसंरचना, सिंचाई चेकडैम, ऊर्जा एवं वाटर शेड, पर्यावरणीय गुणवत्ता आदि अन्य प्राथमिकता वाले कार्य है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में खनन क्षेत्र के विकास हेतु 15 करोड़ रूपये खर्च किया जाना प्रस्तावित है।
विगत बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा सम्बंधित अधिकारियों को उपजिलाधिकारियों के माध्यम से प्राप्त खनन पट्टा क्षेत्र के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गॉव की सूची सभी मा0 सांसदगण एवं सभी मा0 विधायकगण को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए गये थे, जिसके अनुक्रम में सदर, फूलपुर, हण्डिया, कोरांव, मेजा, करछना व बारा तहसील के खनन पट्टे से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित राजस्व ग्रामों चयनित राजस्व ग्रामों का विवरण ज्येष्ठ खनन अधिकारी के द्वारा बैठक में रखा गया। उन्होंने मा0 जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि सभी मा0 जनप्रतिनिधि राजस्व गांवों की सूची का अवलोकन कर लें तथा यदि कोई राजस्व गांव निर्धारित क्षेत्र सीमा में स्थित है तथा उसका नाम सूची में सम्मिलित नहीं हो पाया है, तो उसका नाम दें दे, जिससे सूची में सम्मिलित किया जा सकें।
बैठक में मा0 सांसद जी ने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की धनराशि का उपयोग शासन की मंशा के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता एवं अन्य जनकल्याणकारी कार्यों पर प्राथमिकता के आधार पर किया जाये, जिससे स्थानीय लोगो को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि खनन से प्रभावित क्षेत्रों का सम्यक रूप से विकास कराया जा सके, इसलिए सभी मा0 जनप्रतिनिधिगण इन क्षेत्रों के विकास हेतु अपने-अपने प्रस्ताव तीन दिवस के अंदर उपलब्ध करा दें, जिससे उन्हें भी कार्य योजना में सम्मिलित किया जा सके।
बैठक में मा0 सांसद जी ने कहा कि उपस्थित सभी सदस्यगणों द्वारा सर्वसम्मति से प्राथमिकता पर सर्वप्रथम खनन से अप्रत्यक्ष व प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के सभी जूनियर व प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के बैठने हेतु फर्नीचर की व्यवस्था किए जाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान किया गया है। बैठक में मा0 सांसद जी एवं मा0 विधायकगण के द्वारा इन क्षेत्रों के विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था पूर्ण होने के पश्चात विद्यालयों के मूलभूत सुविधाओं-शौचालय, पंखा, वाटर कूलर एवं स्मार्ट क्लास, दिव्यांग बच्चों के लिए ब्रेललिपि तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थायें एवं खनन वाहनों से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता दिए जाने का सुझाव दिया गया। इस अवसर पर माननीय सांसद व मा0 विधायकगणों द्वारा भी अपने-अपने सुझाव दिए गए। उन्होंने अवैध खनन पर रोक लगाये जाने हेतु प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए है।
इस अवसर पर एडीएम प्रशासन उपमा पाण्डेय, ज्येष्ठ खनन अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
