मंत्री आशीष पटेल ने नवनिर्मित चार राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज मीरजापुर, प्रतापगढ़, बस्ती और गोंडा की समीक्षा
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मंत्री आशीष पटेल ने नवनिर्मित चार राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज मीरजापुर, प्रतापगढ़, बस्ती और गोंडा की समीक्षा


मंत्री आशीष पटेल ने ली प्रशासकीय परिषद की बैठक, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा पर दिया जोर  


लखनऊ, 07 जुलाई, 2026

प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल ने मंगलवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में मीरजापुर, प्रतापगढ़, बस्ती एवं गोंडा के 04 नवनिर्मित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रशासकीय परिषद की बैठक की। बैठक में चारों कॉलेजों के शैक्षणिक सत्र शुरू करने और आधारभूत ढांचे को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।


प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। इसी क्रम में सरदार वल्लभ भाई पटेल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बस्ती, मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज गोंडा, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रतापगढ़ और सम्राट अशोक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज मिर्जापुर की स्थापना की गई है। इन कॉलेजों के शुरू होने से पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के हजारों युवाओं को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।


मंत्री आशीष पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारों नवनिर्मित इंजीनियरिंग कॉलेजों का निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि भवन, प्रयोगशाला, वर्कशॉप, पुस्तकालय और छात्रावास सहित सभी मूलभूत सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों, ताकि छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का बेहतर माहौल मिल सके। 


उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर युवा उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष बने। इसके लिए नए इंजीनियरिंग कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और इंडस्ट्री 4.0 जैसे नए जमाने के कोर्स शुरू किए जाएंगे। स्थानीय उद्योगों से समन्वय कर प्लेसमेंट और इंटर्नशिप की भी पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।


प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन चारों कॉलेजों के बनने से मीरजापुर, प्रतापगढ़, बस्ती, गोंडा सहित आसपास के जिलों के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और पलायन रुकेगा। सरकार की मंशा है कि तकनीकी शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े। इसलिए हर कॉलेज में इनक्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की व्यवस्था की जाएगी।


बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव, विशेष सचिव, निदेशक प्राविधिक शिक्षा, चारों जिलों के नोडल अधिकारी तथा प्रशासकीय परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।

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