मामला: भवानीपुर ग्राम पंचायत की बंजर भूमि पर अवैध कब्जे का विरोध।
असर: प्राचीन धार्मिक स्थल 'सिद्ध शिव बहरा पीठ' का मुख्य मार्ग हुआ बंद।
प्रशासनिक मांग: राजस्व टीम की रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
मांडा,प्रयागराज। मांडा विकास खंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भवानीपुर के ग्रामीणों का गुस्सा अवैध कब्जे को लेकर फूट पड़ा है। सोमवार को बड़ी संख्या में एकत्र हुए ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (SDM) मेजा नीलम उपाध्याय से मुलाकात की और एक शिकायती ज्ञापन सौंपकर ग्राम पंचायत की बंजर भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
50 साल पुराना रास्ता हुआ बंद, श्रद्धालुओं को भारी परेशानी
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि ग्राम देवरी में स्थित ग्राम पंचायत की बंजर भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इस अवैध कब्जे की वजह से पिछले 50 वर्षों से आम जनता द्वारा उपयोग किया जा रहा सार्वजनिक मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।
क्यों खास है यह रास्ता?
यह मार्ग क्षेत्र के सुप्रसिद्ध और प्राचीन धार्मिक स्थल 'सिद्ध शिव बहरा पीठ' तक जाने का मुख्य रास्ता है। रास्ता बंद होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुँचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पैमाइश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्रामीण डीपी त्रिपाठी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में राजस्व विभाग पहले ही जांच और पैमाइश (नापजोख) की औपचारिकताएं पूरी कर चुका है। लेखपाल द्वारा मौके की विस्तृत रिपोर्ट भी अधिकारियों को सौंपी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के कड़े रुख का हवाला देते हुए कहा:
"एक तरफ प्रदेश सरकार सरकारी और ग्राम पंचायत की जमीनों को भू-माफियाओं से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चला रही है, तो दूसरी तरफ इस गंभीर प्रकरण में ढिलाई क्यों बरती जा रही है? इस पर तुरंत एक्शन होना चाहिए।"
"गांव की संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं"
मौके पर मौजूद अमित पाण्डेय 'रफ्तार' ने दो टूक शब्दों में कहा कि ग्राम पंचायत की भूमि पूरे गांव की साझी संपत्ति होती है। इस पर किसी भी व्यक्ति का निजी या अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रास्ता नहीं खोला गया और भूमि मुक्त नहीं हुई, तो वे आगे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में रहे शामिल:
इस दौरान प्रमुख रूप से डीपी त्रिपाठी, अमित पाण्डेय रफ्तार, यासीन, राहुल पांडे, कल्ले सिंह, वंशमणि पांडे, शिवशंकर पाण्डेय, जितेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, दिनेश सिंह, रामशिरोमणि पाल, विनय मिश्रा सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
