अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ के द्वारा स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का किया गया निरीक्षण, व्यवस्थाओं के सम्बंध में दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा के निर्देशन में बुधवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती विनीता सिंह व अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ सुश्री जूही प्रसाद के द्वारा स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का प्रातः 10.30 बजे निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एम०एल०एन० मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डा० वी०के० पाण्डेय, एस०आर०एन० की अधीक्षिका डॉ० नीलम सिंह उपस्थित थे। मुख्य अधीक्षक कार्यालय में उपलब्ध उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया गया। डॉ० गुलाम अहमद स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, प्रयागराज के द्वारा टी०बी०चेस्ट विभाग, ई.एन.टी विमाग, कार्डियोलॉजी विभाग, गैस्ट्रोलॉजी विभाग, रेडियो थेरेपी विभाग, एनेस्थीसिया विभाग, आर्थाेपेडिक विभाग, डेन्टिस्ट विभाग, पीएमएसएसवाई विभाग, गायनकॉलजिस्ट विभाग, रेडियोलॉजी विभाग, मनोचिकित्सा विभाग व मेडिसिन विभाग के उपस्थिति पंजिका प्रस्तुत की गयीं। उपस्थिति पंजिका में कई डॉक्टर्स ग्रीष्म अवकाश पर थे। अवकाश पर गये डॉक्टर्स के स्थान पा उपलब्ध डाक्टरों की ड्यूटी लगायी गयी है, जिसकी सूचना प्रत्येक वार्ड के सूचना पटट पर चस्पा है। निरीक्षण के समय सभी चिकित्सकों एवं स्टाफ को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय पर अपने उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर बनाकर अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित करें।
इसके पश्चात मेडिसिन आई0सी0यू0 वार्ड नं0- 8, हीटवेव वार्ड नं0-7, पी0एम0एस0एस0वाई0 वार्ड व जन औषधि केन्द्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आफिस ड्यूटी रूम, आई0सी0यू0 वार्ड, आपरेशन वार्ड, आपरेशन डियेटर आदि में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी व अस्पताल के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। एस0आर0एन0 चिकित्सालय के मुख्य बिल्डिंग स्थित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान वार्डों एवं आई०सी०यू० वार्ड में साफ-सफाई शौचालयों की स्थिति ठीक परिलक्षित हुई और सफाई कर्मचारी सफाई कार्य करते हुए पाये गये। आई०सी०यू० वार्ड में तत्समय सफाई हो रहीं थी। आर्थाेपेडिक महिला वार्ड में डॉक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति/ड्यूटी डिस्प्ले चार्ट उपलब्ध थी, जिसमें आज दिनांक 20.05.2026 का विवरण अंकित पाया गया। चिकित्सालय के मुख्य भवन के भूतल व ट्रॉमा सेन्टर के प्रथम तल पर आई०सी०यू० वार्ड के सामने पेयजल वाटर कूलर उपलब्ध था व पानी की व्यवस्था मौजूद थी। सड़क नाली व फर्श की स्थिति सामान्य पायी गयी, परन्तु कतिपय जगहों पर, जहाँ से मरीजों का भी आना-जाना होता है, ऊबड़-खाबड़ फर्श थी। फर्शो को तत्काल दुरूस्त कराये जाने के लिए निर्देशित किया गया।
दवाईयों की उपलब्धता के सम्बंध में डॉ० कलाम अहमद द्वारा अवगत कराया गया कि मरीजों के लिए दवाईयों आदि की व्यवस्था अस्पताल के अन्दर ही उपलब्ध है उन्हें बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। अस्पताल में मरीजो एवं उनके तीमारदारों से पूछने पर भी उनके द्वारा बताया गया कि दवायें आदि की व्यवस्था अस्पताल के द्वारा ही की जाती है तथा अस्पताल के जन औषधि केन्द्र पर दवायें प्राप्त हो जाती हैं। जन औषधि केन्द्र के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दवा देने के दो काउण्टर उपलब्ध थे, परन्तु दवा काउण्टरों पर भीड़ अत्यधिक थी। दवा वितरण सुचारू रूप से हो रहा था। भीड़ को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में काउंण्टर उपलब्ध होने की आवश्यकता प्रतीत हुई, जिसके लिए आवश्यक्तानुसार काउण्टरों की संख्या बढ़ायें जाने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे तीमारदारों को दवायें आसानी व अविलम्ब उपलब्ध हो सकें। उपस्थित स्टाफ से पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि औषधि की खपत का विवरण प्रतिदिन कम्प्यूटर पर फीड किया जाता है तथा स्टाक रजिस्ट में प्रविष्टि मासिक आधार पर किया जाता है। पंखा, लाईट, एसी, कैमरा कियाशील स्थिति में पाये गये हैं।
अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं की जांच के लिए आईसीयू, अल्ट्रा साउण्ड, एक्स-रे, एमआरआई दवा स्टोर आदि का निरीक्षण किया गया। सभी चिकित्सा उपकरण कियाशील पाये गये। आर्थाेपेडिक वार्ड का निरीक्षण किया गया। आर्थाेपेडिक वार्ड में 32 मरीज भर्ती पाये गये। निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों के परिजनों के द्वारा अवगत कराया गया कि वार्ड में कूलर लगे हैं लेकिन इन कूलरों की मोटर खराब है, जिसके कारण इस प्रचण्ड गर्मी में काफी असुविधा हो रही है। निरीक्षण पर ज्ञात हुआ कि वार्ड में पाँच कूलर लगे हैं, जिसमें से तीन की मोटर खराब है। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित को तत्काल कूलरों में मोटर की व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। इन वाडों में भर्ती मरोजों से खान-पान, दवा तथा अन्य व्यवस्थओं के संबंध में पूछताछ की गयी। मरीजो के द्वारा बताया गया कि उन्हें अस्पताल से ही नाश्ता, दोपहर का भोजन आदि भी दिया जाता है। निरीक्षण के दौरान जन सामान्य हेतु उपलब्ध आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सामान्य पायी गयीं है। इसे और बेहतर किये जाने की आवश्यकता है।
वार्ड नं0-7 मेडिसिन वार्ड का निरीक्षण किया गया। वार्ड में 15 मरीज भर्ती पाये गये। वार्ड में संवेनशील मरीज भी भर्ती थे। इन मरीजों की देखभाल में डयूटीवार डॉक्टर उपस्थित थे। इन मरीजों का हालचाल जानकर डॉक्टरो को निर्देशित किया गया कि गम्भीर मरीजों की देखभाल में बराबर ड्यूटी पर मौजूद रहें।
वार्ड नं0-8 का निरीक्षण किया गया। वार्ड में भी गम्भीर रूप से बीमार मरीज भर्ती थे। वार्ड में आन्ध्र प्रदेश की भर्ती मरीज वेंकटेश वर्ना, जो फेफड़े के संक्रमण से पीड़ित हैं, के परिजन के द्वारा बेहतर ईलाज उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया। उनको भाषा की भी दिक्कत हो रहीं है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर गणों से अनुरोध किया गया कि इनका ध्यान रखा जाये, जिससे इन्हें असुविधा न हो और ईलाज बेहतर मिले।
चिकित्सालय में दलालों की संलिप्तता कोई तथ्य संज्ञान में नहीं आया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों से इस सम्बन्ध में पूछ-ताछ की गयी तो उनके द्वारा अवगत कराया गया कि ऐसा किसी के द्वारा उन्हें किसी चीज के लिए बाध्य नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त स्वरूपरानी चिकित्सालय के चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस के सम्बन्ध में भी निरीक्षण के दौरान इस प्रकार का कोई तथ्य प्रकाश में नहीं आया है। निरीक्षण के दौरान एस.आर.एन. अस्पताल की सभी व्यवस्थायें सन्तोषजन पायी गयीं। गर्मी के दृष्टिगत सम्पूर्ण चिकित्सालय परिसर का फायर हाईड्रेण्ट एवं इलेट्रिक सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराये जाने की अपेक्षा की गयी है।

