लखनऊ : 20 मई 2026
लखनऊ। सेन्ट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ में बुधवार 20 मई 2026 को आयोजित संयुक्त बार एसोसिएशनों की आम सभा बैठक के बाद लखनऊ बार एसोसिएशन ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों का समर्थन करते हुए बड़ा निर्णय लिया है। बैठक का संचालन लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जी० एन० शुक्ला “चच्चू” एडवोकेट तथा महामंत्री जितेन्द्र सिंह यादव “जीतू” एडवोकेट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सेन्ट्रल बार एसोसिएशन द्वारा पारित चार प्रमुख प्रस्तावों का लखनऊ बार एसोसिएशन पूर्ण समर्थन करेगी। इसके साथ ही 21 मई 2026 से 26 मई 2026 तक लखनऊ जनपद के समस्त अधिवक्ताओं द्वारा पूर्ण सामूहिक अवकाश पर रहने की घोषणा की गई है।
बार एसोसिएशन की ओर से पारित प्रस्तावों में सिविल कोर्ट स्थित पुरानी तहसील परिसर की भूमि लखनऊ बार एसोसिएशन को लीज पर दिए जाने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा पुराने उच्च न्यायालय परिसर में कर्मचारियों के खाली पड़े आवासों की भूमि पर अधिवक्ताओं के लिए चैम्बर और पार्किंग निर्माण की मांग भी उठाई गई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उच्च न्यायालय में लंबित याचिका की पैरवी के लिए 25 मई 2026 को अध्यक्ष जी० एन० शुक्ला “चच्चू” एडवोकेट और महामंत्री जितेन्द्र सिंह यादव “जीतू” एडवोकेट को अधिकृत किया जाएगा। इसी के मद्देनजर अधिवक्ता 21 मई से 26 मई तक न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। वहीं 26 मई 2026 को दोपहर 2 बजे पुनः संयुक्त बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अधिवक्ताओं ने 17 मई 2026 को पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही 18 और 19 मई 2026 को वजीरगंज तथा कैसरबाग थानों में अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग भी प्रस्ताव के माध्यम से उठाई गई।
लखनऊ बार एसोसिएशन ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त समेत तमाम न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों को प्रस्ताव की प्रतिलिपि भेजते हुए इसके अनुपालन की मांग की है।
