प्रयागराज। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर संगम नगरी में श्रद्धा के साथ-साथ भारी सियासी हलचल भी देखने को मिली। आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के बीच हर राजनीतिक दल बाबासाहेब की विरासत के जरिए अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश में जुटा नजर आया। शहर में सुबह से ही माल्यार्पण, केक काटने और शक्ति प्रदर्शन का दौर चलता रहा।
फोटो की होड़ में ओझल हुई प्रतिमा
हाईकोर्ट के पास स्थित अंबेडकर चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। सपा मुखिया अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, लेकिन यहां श्रद्धा से ज्यादा फोटो खिंचाने की होड़ नजर आई। कार्यकर्ताओं के बीच मची भारी धक्कामुक्की के कारण ऐसी स्थिति बन गई कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा ही भीड़ के पीछे पूरी तरह ढंक गई। सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने और खुद को आगे दिखाने के चक्कर में काफी देर तक वहां अफरातफरी का माहौल बना रहा।
पूर्व मंत्री का 'वाटर कूलर' वाला अंदाज
दूसरी ओर, शहर पश्चिमी के विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अलग अंदाज में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वे अपने समर्थकों के साथ वाटर कूलर लेकर पहुंचे और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को धोकर स्वच्छ किया। इसके बाद उन्होंने माल्यार्पण कर बाबासाहेब को नमन किया। भाजपा की ओर से स्वच्छता और सेवा का संदेश देने की यह कोशिश चर्चा का विषय बनी रही।
संविधान और अधिकारों की याद
कार्यक्रम के दौरान सपा प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने कहा कि बाबासाहेब का दिया हुआ संविधान ही आज हर नागरिक के अधिकारों का असली कवच है। वहीं, सुबह 10 बजे वकीलों ने भी हाईकोर्ट चौराहे पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूरे दिन प्रयागराज की सड़कों पर अलग-अलग संगठनों और दलों का जमावड़ा लगा रहा, जिससे यह साफ जाहिर हुआ कि इस बार अंबेडकर जयंती के बहाने सियासी दल अपनी चुनावी नैया पार लगाने की पूरी तैयारी में हैं।
