जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास, प्रयागराज शाषी परिषद एवं प्रबंध समिति की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बैठक सम्पन्न
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जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास, प्रयागराज शाषी परिषद एवं प्रबंध समिति की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बैठक सम्पन्न

 


माननीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास, प्रयागराज शाषी परिषद एवं प्रबंध समिति की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बैठक सम्पन्न


प्रयागराज 07 अप्रैल

     जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास, प्रयागराज शाषी परिषद एवं प्रबंध समिति की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम बैठक मंगलवार को संगम सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक मुख्यतः जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास के अन्तर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के निर्धारण के लिए आहूत की गयी। बैठक में मा0 सांसद फूलपुर श्री प्रवीण पटेल, मा0 विधायक बारा-डॉ0 वाचस्पति, मा0 विधायक करछना श्री पीयूष रंजन निषाद, मा0 विधायक मेजा श्री संदीप सिंह व मा0 सांसद इलाहाबाद के प्रतिनिधि श्री विनय कुशवाहा, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी श्री अरविन्द कुमार यादव की उपस्थित रहे।  


     बैठक में ज्येष्ठ खनन अधिकारी श्री के0के0 राय के द्वारा अवगत कराया गया कि भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा खनन क्षेत्र के विकास हेतु प्रत्यक्ष रूप से व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र का खनन पट्टा क्षेत्र से दूरी के आधार पर निर्धारण किया गया। बताया कि जनपद प्रयागराज के विभिन्न तहसीलों में स्थित खनन पट्टा क्षेत्र को केन्द्र बिन्दु मानते हुए 0 से 05 किलोमीटर की परिधि में आने वाले राजस्व गांव प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र कहलायेगें तथा 05 से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले राजस्व गांव अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र कहलायेगें। उक्त प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्र के विकास हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक क्रमशः प्रतिवर्ष कुल मात्राकृत धनराशि का 70: 30 अनुपात में धनराशि व्यय की जायेगी एवं प्रत्यक्ष क्षेत्र के लिए निर्धारित 70 प्रतिशत धनराशि में से पुनः 70 प्रतिशत की धनराशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर तथा 30 प्रतिशत की धनराशि अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय की जायेगी। अप्रत्यक्ष क्षेत्र के लिए निर्धारित 30 प्रतिशत धनराशि में से पुनः 70 प्रतिशत की धनराशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर तथा 30 प्रतिशत की धनराशि अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय की जायेगी। प्राथमिकता वाले कार्य में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, महिला, बाल, वयोवृद्ध एवं निःशक्त लोगो का कल्याण, कौशल विकास एवं आजीविका सृजन आदि तथा भौतिक अवसंरचना, सिंचाई चेकडैम, ऊर्जा एवं वाटर शेड, पर्यावरणीय गुणवत्ता आदि अन्य प्राथमिकता वाले कार्य है।


     जिलाधिकारी के द्वारा सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गये कि उपजिलाधिकारियों के माध्यम से प्राप्त खनन पट्टा क्षेत्र के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गॉव की सूची सभी मा0 सांसदगणों एवं सभी मा0 विधायकगणों को इस अनुरोध के साथ प्रेषित की जाये कि उक्त सूची का सभी माननीयगण अवलोकन कर लें तथा यदि निर्धारित मानक पर कोई राजस्व गॉव सूची में छूट रहा है तो उसका प्रस्ताव एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराने का कष्ट करें, ताकि उस राजस्व गॉव को भी सूची में सम्मिलित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अन्यथा भविष्य में छूटे हुए राजस्व गॉव पर इस योजना से कोई कार्य कराया जाना सम्भव नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मा0 जनप्रतिनिधियों एवं सम्बन्धित विभागों से कार्यों के भी प्रस्ताव आमंत्रित किये जाये और उन्हें संकलित करते हुए पंचवर्षीय कार्य योजना तैयार की जाये, ताकि सम्यक रूप से प्रभावित क्षेत्र का विकास कराया जा सके। उन्होंने अवैध खनन पर रोक लगाये जाने हेतु प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए है।


    बैठक में उपस्थित सभी सदस्यगणों द्वारा सर्वसम्मति से उक्त प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान किया गया। इस अवसर पर माननीय सांसद व मा0 विधायकगणों द्वारा भी अपने-अपने सुझाव दिए गए। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन श्रीमती पूजा मिश्रा, बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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