छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं अनावश्यक जाम से निजात दिलाने हेतु विद्यालयों के प्रबन्धक/प्रधानाचार्यों के साथ जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
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छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं अनावश्यक जाम से निजात दिलाने हेतु विद्यालयों के प्रबन्धक/प्रधानाचार्यों के साथ जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

 


छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं अनावश्यक जाम से निजात दिलाने हेतु विद्यालयों के प्रबन्धक/प्रधानाचार्यों के साथ जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न


जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा के निर्देश के क्रम में बुधवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) श्री सत्यम मिश्र की अध्यक्षता में संगम सभागार में जनपद प्रयागराज के विभिन्न विद्यालयों के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य के साथ छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं अनावश्यक जाम से निजात दिलाने हेतु जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि बच्चों को वाहन में चढ़ाने एवं उतारने के लिए स्कूल प्लेग्राउण्ड का प्रयोग करें ताकि स्कूल के बाहर अनावश्यक जाम की स्थिति न उत्पन्न होने पाये। वाहनों को निर्धारित पार्किंग एरिया में खड़ा करें। 

   

जनपद के सभी विद्यालयों के प्रबन्धक / प्रधानाचार्य को ष्विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितिष् के गठन किये जाने के निर्देश दिये गये, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सम्बन्धी मामलों की देखभाल करना है। प्रबन्धक / प्रधानाचार्य को स्कूली वाहनों के संचालन व नियमन हेतु उत्तर प्रदेश मोटरयान (छब्बीसवां संशोधन) नियमावली, 2018 के उपबन्धों से अवगत कराया गया व इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विद्यालय परिसर के भीतर ही बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने व उतारने के लिए उपबन्ध किये जायें, प्रत्येक दशा में स्कूल के सामने स्थित मार्ग पर बच्चों को उतारना व चढ़ाना प्रतिबन्धित किया जाये तथा विद्यालयीय वाहनों के समस्त प्रपत्रों यथा परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, बीमा आदि को वैद्य होने के उपरान्त ही वाहनों का उपयोग स्कूली छात्रों के परिवहन हेतु किया जाये। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि प्रबन्धक / प्रधानाचार्य नियमावली के 222 (छ) में वर्णित विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर उसकी नियमित बैठकें आयोजित करें। अभिभावकों व छात्रों को सड़क सुरक्षा के विषयों के प्रति जागरूक करें।


विद्यलाय प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि विद्यालयीय वाहनों में समस्त सुरक्षा उपकरणों यथा पारदर्शी फस्ट एड बॉक्स, सी०सी० कैमरे, खिडकियों में जाली, बच्चों को चढने उतरने के लिए सीढी आदि सही रूप से लगी हो। बच्चों की सुरक्षा हेतु विद्यालयीय वाहनों के अनुभवी चालकों व सहायकों की नियुक्ति सुनिश्चित करें। यह भी निर्देशित किया गया कि स्कूलों की छुट्टी के समय में 15-15 मिनट का अन्तराल रखा जाये जिससे स्कूल के बाहर अनावश्यक जाम न लगने पाये।


जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा के निर्देश के क्रम में बुधवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) श्री सत्यम मिश्र की अध्यक्षता में संगम सभागार में जनपद प्रयागराज के विभिन्न विद्यालयों के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य के साथ छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं अनावश्यक जाम से निजात दिलाने हेतु जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि बच्चों को वाहन में चढ़ाने एवं उतारने के लिए स्कूल प्लेग्राउण्ड का प्रयोग करें ताकि स्कूल के बाहर अनावश्यक जाम की स्थिति न उत्पन्न होने पाये। वाहनों को निर्धारित पार्किंग एरिया में खड़ा करें। 

   

जनपद के सभी विद्यालयों के प्रबन्धक / प्रधानाचार्य को ष्विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितिष् के गठन किये जाने के निर्देश दिये गये, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सम्बन्धी मामलों की देखभाल करना है। प्रबन्धक / प्रधानाचार्य को स्कूली वाहनों के संचालन व नियमन हेतु उत्तर प्रदेश मोटरयान (छब्बीसवां संशोधन) नियमावली, 2018 के उपबन्धों से अवगत कराया गया व इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विद्यालय परिसर के भीतर ही बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने व उतारने के लिए उपबन्ध किये जायें, प्रत्येक दशा में स्कूल के सामने स्थित मार्ग पर बच्चों को उतारना व चढ़ाना प्रतिबन्धित किया जाये तथा विद्यालयीय वाहनों के समस्त प्रपत्रों यथा परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, बीमा आदि को वैद्य होने के उपरान्त ही वाहनों का उपयोग स्कूली छात्रों के परिवहन हेतु किया जाये। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि प्रबन्धक / प्रधानाचार्य नियमावली के 222 (छ) में वर्णित विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर उसकी नियमित बैठकें आयोजित करें। अभिभावकों व छात्रों को सड़क सुरक्षा के विषयों के प्रति जागरूक करें।


विद्यलाय प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि विद्यालयीय वाहनों में समस्त सुरक्षा उपकरणों यथा पारदर्शी फस्ट एड बॉक्स, सी०सी० कैमरे, खिडकियों में जाली, बच्चों को चढने उतरने के लिए सीढी आदि सही रूप से लगी हो। बच्चों की सुरक्षा हेतु विद्यालयीय वाहनों के अनुभवी चालकों व सहायकों की नियुक्ति सुनिश्चित करें। यह भी निर्देशित किया गया कि स्कूलों की छुट्टी के समय में 15-15 मिनट का अन्तराल रखा जाये जिससे स्कूल के बाहर अनावश्यक जाम न लगने पाये।

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