प्रयागराज। संगम नगरी में मौसम के तेवर लगातार तीखे बने हुए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह होते ही सूरज की तपिश लोगों को बेहाल करने लगती है और दोपहर होते-होते आसमान से आग बरसने जैसा अहसास हो रहा है। भीषण गर्मी और बढ़ते 'हीट वेव' (लू) के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है।
पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग सबसे अधिक खतरे में हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। भीषण गर्मी में लोगों को सतर्क करने के साथ ही अफसरों को बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए बढ़ा खतरा
प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी में स्पष्ट किया गया है कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए यह गर्मी जानलेवा साबित हो सकती है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे न केवल बचाव के पुख्ता इंतजाम करें, बल्कि आम जनमानस को भी लगातार सतर्क और जागरूक करते रहें।
इन वर्गों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने विशेष रूप से संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है। अलर्ट के मुताबिक निम्नलिखित लोगों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है:
गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीज।
कड़ी धूप में काम करने वाले मजदूर और फील्ड वर्कर।
नन्हे बच्चे और अति वृद्ध लोग।
अधिकारियों को सख्त हिदायत
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी (पियाऊ), छाया की व्यवस्था और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए दवाओं व वार्डों का पर्याप्त इंतजाम रखा जाए। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में घरों से बाहर निकलें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
