प्रयागराज/मेजा: प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। विकासखंड उरूवा के सोरांव गांव से होकर मेजारोड रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर शुक्रवार शाम हुई बारिश के बाद स्थिति नारकीय हो गई है। रविवार बीत जाने के बाद भी जलभराव और कीचड़ की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।
खराब सड़क और अतिक्रमण ने बढ़ाई मुसीबत
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह मार्ग पहले से ही जर्जर और क्षतिग्रस्त था। रही-सही कसर सड़क की पटरियों के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण ने पूरी कर दी है। अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे हल्की बारिश के बाद भी पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। शुक्रवार की वर्षा के बाद रविवार को भी सड़क पर घुटनों तक पानी और कीचड़ जमा रहा।
यात्री और स्थानीय लोग परेशान
इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों यात्री मेजारोड रेलवे स्टेशन के लिए आवागमन करते हैं। जलभराव के कारण न केवल वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए भी रास्ता पार करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
ट्रेन पकड़ने जा रहे यात्री श्रीकांत यादव, शिव शंकर तिवारी, राजाराम दुबे, रमाशंकर और संजीव कुमार ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि "बारिश ने जहाँ समस्या बढ़ाई है, वहीं अतिक्रमण ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण समय पर स्टेशन पहुँचना मुश्किल हो रहा है, जिससे कई बार ट्रेन छूटने का भी डर बना रहता है।"
प्रशासनिक सुस्ती पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बारिश के बाद जैसे-तैसे सड़क सूखी थी, लेकिन ताजा बारिश ने एक बार फिर दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और सड़क की मरम्मत कराई जाए ताकि आवागमन सुगम हो सके।

