उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘‘दैवीय आपदा प्रबन्धन जांच समिति’’ के मा0 सभापति श्री लालजी प्रसाद निर्मल के सभापतित्व में समिति की बैठक सम्पन्न
मा0 समिति ने आपदा से प्रभावित लोगो को शीघ्रता से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने एवं दैवीय आपदा से बचाव के बारे में व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाने के लिए कहा
सर्पदंश की स्थिति में ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने एवं सर्पदंश से मृत्यु होने की स्थिति में पोस्टमार्टम अनिवार्य रूप से कराये जाने के लिए कहा
मा0 सभापति ने समिति के द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने एवं वांछित सूचनाएं समय से उपलब्ध कराये जाने के साथ ही सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को अनिवार्य रूप से बैठक में स्वयं उपस्थित रहने के दिए निर्देश
प्रयागराज 16 मार्च
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘‘दैवीय आपदा प्रबन्धन जांच समिति’’ के मा0 सभापति श्री लालजी प्रसाद निर्मल के सभापतित्व एवं समिति के मा0 सदस्य श्री मानसिंह यादव, श्री हंसराज विश्वकर्मा की उपस्थिति में सोमवार को सर्किट हाउस, प्रयागराज में जनपद प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ एवं फतेहपुर के अधिकारियों के साथ समिति की बैठक सम्पन्न हुईं। बैठक में मा0 सभापति ने सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को समिति के द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन करने एवं वांछित सूचनाएं समय से उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि समिति की बैठक में सम्बंधित विभाग के अधिकारी अनिवार्य रूप से स्वयं उपस्थित रहे।
बैठक में मा0 समिति के द्वारा राजस्व विभाग, ऊर्जा विभाग, नगर विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, खाद्यय एवं रसद विभाग, आयुष विभाग, पंचायतीराज विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, गृह विभाग, सूचना विभाग, शिक्षा विभाग एवं खनन विभाग के वर्ष-2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में दैवीय आपदा से सम्बंधित विषयों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उन्होंने सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को सरकार के द्वारा दैवीय आपदा से पीड़ित व्यक्तियों को उपलब्ध कराये जाने वाली अनुमन्य सहायता को समय से उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक जन जागरूकता अभियान संचालित किया जाये, जिससे कि लोगो को दैवीय आपदा से बचाव के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके एवं दैवीय आपदा के समय अपना बचाव कर सके। उन्होंने लू, वज्रपात, भारी वर्षा, शीतलहर, बाढ़, सर्पदंश सहित अन्य दैवीय आपदा से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराये जाने के लिए कहा है।
बैठक में मा0 सभापति ने उपस्थित अधिकारियों से जनपद प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ एवं फतेहपुर में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों एवं वर्ष 2023 से अब तक महामारी, बाढ़, सर्पदंश एवं अन्य दैवीय आपदा से प्रभावित पीड़ितों को उपलब्ध करायी गयी राहत राशि के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि इस प्रकार कार्ययोजना बनायी जाये कि भविष्य में बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम जनहानि, धनहानि तथा प्रभावित लोगो को शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता शीघ्रता से उपलब्ध हो जाये। उन्होंने आपदा से प्रभावित लोगो को तत्काल आर्थिंक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। मा0 समिति के द्वारा प्रयागराज के बदरा सनौटी में बाढ़ से निपटने के लिए स्थायी कार्य योजना बनाये जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा है।
मा0 सभापति ने सर्पदंश से जनहानि की समीक्षा करते हुए सम्बंधित अधिकारियों से कहा कि सर्पदंश के सम्बंध में आमजन को जागरूक करने के लिए ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ का विभिन्न माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। उन्होंने कहा कि लोगो को जागरूक किया जाये कि सर्पदंश से मृत्यु होने पर सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए पोस्टमार्टम कराना अनिवार्य होता है तभी सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिंक सहायता उपलब्ध करायी जा सकती है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारियों को जनपद के जिला अस्पताल एवं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सर्पदंश से बचाव के इंजेेक्शन (एंटी वेनम) सहित सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। मा0 सभापति ने सम्बंधित जिलों के अधिकारियों से शीतलहर के समय कम्बल वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराये जाने के लिए कहा है।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी, प्रयागराज श्री मनीष कुमार वर्मा ने मा0 समिति के सदस्यों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
इस अवसर जिलाधिकारी प्रतापगढ़ श्री शिव सहाय अवस्थी, समिति अधिकारी श्री संजय कुमार, समीक्षा अधिकारी श्री विवेक सिंह, वृत्त लेखक श्री बृजेश, अपर निजी सचिव श्री अभिनय व अन्य जनपदों के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

