उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘‘दैवीय आपदा प्रबन्धन जांच समिति’’ के मा0 सभापति श्री लालजी प्रसाद निर्मल के सभापतित्व में समिति की बैठक सम्पन्न
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘‘दैवीय आपदा प्रबन्धन जांच समिति’’ के मा0 सभापति श्री लालजी प्रसाद निर्मल के सभापतित्व में समिति की बैठक सम्पन्न



लखनऊ, 16 मार्च, 2026

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को अपने विधानसभा कार्यालय में 'वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डेटा सिस्टम' (WINDS) कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मंत्री जी ने वेंडर कंपनी 'स्काईमेट वेदर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा कार्यों के क्रियान्वयन में बरती जा रही ढिलाई और लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कंपनी के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवंटित कार्यों को पूरा नहीं किया गया, तो सरकार कंपनी के खिलाफ अनुबंध निरस्तीकरण सहित अत्यंत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

कृषि मंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि विंड्स योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और ग्राम पंचायत स्तर पर ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG) की स्थापना करना है। इसके माध्यम से प्राप्त मौसम के सटीक आंकड़ों को भारत सरकार के फसल बीमा पोर्टल से इंटीग्रेट किया जाना है, ताकि आपदा की स्थिति में किसानों को त्वरित गति से फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि डेटा की उपलब्धता में देरी सीधे तौर पर किसानों के हितों को प्रभावित करती है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समीक्षा के दौरान योजना के डेटा पर चर्चा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में विंड्स कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 826 AWS और 57,702 ARG स्थापित किए जाने का लक्ष्य है। इनमें से स्काईमेट वेदर सर्विसेज को क्लस्टर-1 के 39 जनपद आवंटित किए गए हैं, जिसमें कुल 157 AWS और 27,487 ARG की स्थापना की जानी है। हालांकि, सर्वेक्षण और स्थापना की वर्तमान गति संतोषजनक नहीं पाई गई। मंत्री ने कहा कि सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना हेतु 60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है और कंपनी को नियमानुसार भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है, इसके बावजूद धरातल पर कार्य की धीमी प्रगति कंपनी की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को दर्शाती है।

 सूर्य प्रताप शाही ने निर्देश दिए कि प्रदेश के विकास खंडों और ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों में उपकरणों की स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों को आपदा प्रबंधन, सटीक एडवाइजरी और समयबद्ध बीमा लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वाली निजी कंपनियों को बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी तथा कृषि विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित वेंडर कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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