लखनऊ, 22 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में और प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा 6 से 18 फरवरी तक संचालित ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0’ ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। महज 13 दिनों में प्रदेश के 75 जिलों के 1162 दिव्यांगजन सवेतन रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े, जिससे राज्य में समावेशी कौशल विकास की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ा है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने की नीति के तहत मिशन द्वारा जमीनी स्तर पर अभियान चलाकर दिव्यांग युवाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह अभियान सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की सोच को साकार करता है, जिसमें हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अभियान के सफल संचालन के लिए मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा सभी 75 जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वित रणनीति बनाई गई। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप लक्षित सूची के अतिरिक्त 856 दिव्यांगजन स्वेच्छा से अभियान से जुड़े और उन्हें भी रोजगार व स्वरोजगार का अवसर मिला। अभियान में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके अंतर्गत कई दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
अभियान के दौरान जनपद स्तर पर रोजगार मेले और प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किए गए, जिनमें वित्त, बीमा, टेलीकॉम, रिटेल और सेवा क्षेत्रों में नियुक्ति के अवसर प्रदान किए गए। टेलीकॉलर, मशीन ऑपरेटर, तकनीकी सहायक, हेल्पर और रिटेल सेल्स एसोसिएट जैसे पदों पर चयनित युवाओं को लगभग 9,000 से 21,000 रुपये तक मासिक वेतन के ऑफर दिए गए। साथ ही मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई-कढ़ाई, जन सेवा केंद्र, डेयरी एवं पशुपालन जैसे छोटे उद्यमों से जोड़कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया गया।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में फतेहपुर, अमरोहा, फर्रुखाबाद, वाराणसी और महाराजगंज प्रमुख रहे। मिशन टीम द्वारा कई स्थानों पर घर-घर जाकर लाभार्थियों से संपर्क कर व्यक्तिगत काउंसिलिंग की गई, जिससे अधिकतम जरूरतमंदों को अभियान से जोड़ा जा सका। पूर्व में संचालित ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 1.0’ के लाभार्थियों की भी ट्रैकिंग की जा रही है, ताकि उन्हें निरंतर रोजगार से जोड़ा जा सके।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह अभियान केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांग युवाओं को आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के अभियान चलाकर प्रदेश के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
