गोंडा में हादसा हुआ तो अब मिलेगा 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज 🚨🚑
सोचिए…
अगर गोंडा में आपके परिवार का कोई सदस्य सड़क हादसे में घायल हो जाए और अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहला सवाल आए — पैसे कहाँ से आएंगे? 😔
अब ऐसी स्थिति में बड़ी राहत की खबर है। गोंडा जिले समेत पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के लिए 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देने की व्यवस्था लागू की जा रही है। यानी हादसे के बाद तुरंत इलाज शुरू हो सके, यही इसका मकसद है। 🏥💙
सरकारी जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती कराकर शुरुआती इलाज शुरू किया जाएगा और तय सीमा तक खर्च सरकार वहन करेगी। घायल या उसके परिवार को तुरंत पैसे जमा करने की जरूरत नहीं होगी। 💰
क्या मिलेगा इस योजना में? 📋
• सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अधिकतम 1.5 लाख तक इलाज
• हादसे के बाद शुरुआती 7 दिन तक खर्च कवर
• खर्च सीधे अस्पताल को दिया जाएगा
• राष्ट्रीय, राज्य, शहर और गांव की सड़क — सभी जगह लागू
• गोल्डन ऑवर में इलाज शुरू करने पर जोर
डॉक्टरों का कहना है कि हादसे के बाद पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर इसी समय सही इलाज मिल जाए तो कई गंभीर मामलों में जान बच सकती है। इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है ताकि पैसे की वजह से इलाज में देरी न हो। ❤️
गोंडा में क्यों जरूरी है यह जानकारी? 🛣️
गोंडा जिले में रोज छोटे-बड़े सड़क हादसे होते हैं। ग्रामीण सड़कों, हाईवे और बाजार क्षेत्रों में दुर्घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई बार लोग खर्च के डर से घायल को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाते। यही देरी खतरनाक बन जाती है।
अगर हादसा हो जाए तो क्या करें? 📞
• तुरंत 112 या 108 पर कॉल करें
• एंबुलेंस बुलाएं
• घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं
• सूचीबद्ध अस्पताल इलाज शुरू करेगा
• तय सीमा तक खर्च सरकार देगी
छोटी-मोटी दुर्घटना पर क्या नियम है? ⚠️
यह योजना हर छोटी खरोंच के लिए नहीं है।
अगर सिर्फ हल्की चोट है और भर्ती की जरूरत नहीं है, तो पूरा 1.5 लाख लागू नहीं होता।
यह योजना इन मामलों के लिए है:
• सिर की चोट
• फ्रैक्चर
• ज्यादा खून बहना
• गंभीर चोट
• अस्पताल में भर्ती जरूरी
अगर मामूली चोट है और सिर्फ पट्टी या प्राथमिक उपचार से काम चल सकता है, तो सामान्य इलाज किया जाएगा।
सत्यापन कैसे होता है?
• अस्पताल रिकॉर्ड
• पुलिस सूचना
• डॉक्टर की रिपोर्ट
इनके आधार पर तय होता है कि मामला योजना में आएगा या नहीं।
सबसे जरूरी बात 🙏
हादसे के समय वीडियो बनाने से बेहतर है घायल को अस्पताल पहुंचाना।
पुलिस के डर से पीछे न हटें।
जान बचाना सबसे बड़ा काम है।
गोंडा के हर परिवार को यह जानकारी पता होनी चाहिए।
आज आप पढ़ रहे हैं, कल यही जानकारी किसी की जान बचा सकती है।
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गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
