गणतंत्र का सही अर्थ अंतिम विद्यार्थी तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाना - प्रोफेसर सत्यकाम ,मुक्त विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर कुलपति ने किया ध्वजारोहण
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गणतंत्र का सही अर्थ अंतिम विद्यार्थी तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाना - प्रोफेसर सत्यकाम ,मुक्त विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर कुलपति ने किया ध्वजारोहण


प्रयागराज 26 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के गंगा परिसर में 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह अपने जीवन पथ पर लगातार अग्रसर होते रहें। उन्होंने कहा कि गणतंत्र का सही अर्थ विश्वविद्यालय के अंतिम विद्यार्थी तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाना है। शिक्षार्थियों की समस्याओं का समाधान करना हमारा अभीष्ट लक्ष्य होना चाहिए। विश्वविद्यालय में ऐसी संस्कृति का विकास हो जिसमें लोग एक दूसरे के मददगार बनें। स्वकेंद्रित धारणा के स्थान पर समूह चर्चा पर विशेष जोर दिया जाए। प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि स्वयं और स्वयंप्रभा चैनल के माध्यम से मुक्त विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना है जिसके लिए मुक्त विश्वविद्यालय 31 मार्च 2026 तक 400 वीडियो लेक्चर तैयार कर इग्नू को भेज देगा। जिससे अंतरराष्ट्रीय फलक पर उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लेक्चर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जायेगी और उनके मान सम्मान में भी वृद्धि होगी। 

उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे रचनात्मकता की दिशा में आगे बढ़ें, इसके लिए उन्हें खुश रहने का मंत्र विकसित करना होगा। प्रसन्नता बहुत मूल्यवान चीज है। हंसना बहुत जरूरी है। हंसने से जड़ता की स्थिति का त्याग होता है। नकारात्मकता व्यक्तित्व विकास के लिए बाधक है। प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को सुगठित, सुव्यवस्थित व प्रसन्न रखने के लिए व्यक्तित्व विकास पर कार्यशालाएं प्रारंभ करने जा रहे हैं जो कि विभिन्न विद्या शाखाओं तथा अनुभागों से प्रारंभ होगी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य शिक्षार्थियों की संतुष्टि का ग्राफ 50% से ऊपर ले जाना है जिसके लिए प्रत्येक सदस्य को शिक्षार्थी देवो भव के संकल्प को साकार करना होगा। प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि नित नूतन परिवर्तन प्रकृति का नियम है। परिवर्तनशीलता और गतिशीलता बनाए रखने के लिए योग का अभ्यास आवश्यक है। उन्होंने योग गुरु अमित सिंह का आह्वान किया कि वह शीघ्र ही योग सत्रों को प्रारंभ करें। कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र

 जनसंपर्क अधिकारी

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