प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी) बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभ आरम्भ माननीय सांसद श्री सनातन पाण्डेय जी के द्वारा किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 जनवरी दिन शुक्रवार की सुबह समय 11:00 बजे डाक बंगला के प्रागण से बाल विवाह मुक्ति रथ को सांसद द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सांसद महोदय द्वारा अनुमति साइन बोर्ड पर हस्ताक्षर भी किया गया एवं बाल विवाह के खिलाफ सपथ लिया गया। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं बाल कल्याण समिति अध्यक्ष-अजहर अली एवं महिला विभाग से अंजलि सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में संपूर्ण जिले में जगह-जगह बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह आयोजित किए गए।
संगठन ने जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया और उन्हें समझाया कि कानून के अनुसार बाल विवाह में किसी भी तरह से शामिल न हो, और ना ही सहायता करें। बाल विवाह आयोजनकर्ताओं के द्वारा शादी में आए मेहमान,कैटरर्स,टेंट वाले,बैंड वाले,सजावट वाले या बाल विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित, सभी को इस अपराध को बढ़ावा देने के जुर्म में सजा हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों से कानून लागू करने वाली एजेंसियों व जिला प्रशासन के साथ करीबी समन्वय से काम करते हुए "नव भारतीय नारी विकास समिति" ने पिछले एक वर्ष में ही (150) बाल विवाह रुकवाए हैं। बाल विवाह के खिलाफ जारी अभियान को और गति व मजबूती देने वाली सरकार की इस घोषणा का स्वागत करते हुए, नव भारतीय नारी विकास समिति के अध्यक्ष अज़हर अली ने कहा कि स्कूलों,कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता के प्रसार पर यह 100 दिवसीय गहन अभियान देश की दिशा बदलने वाला साबित होगा।उन्होंने आगे कहा कि यह मुहिम प्रधानमंत्री के विकसित भारत के लक्ष्य के करीब लाएगा। सदियों से हमारी बहन/बेटियों को अवसरों से वंचित किया गया है और विवाह के नाम पर उन्हें अत्याचार,शोषण और बलात्कार की ओर धकेला गया है। जन प्रतिनिधियों,सरकारी विभागों,कानून लागू करने वाली एजेंसियों और समुदायों का अभूतपूर्व तरीके से एक साथ आना,बाल विवाह के खात्मे के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों को नई ऊर्जा व रफ्तार देगा। इस समन्वय और सामूहिक संकल्प से हम जिले को साल भर के भीतर बाल विवाह मुक्त बनाने के प्रति आश्वस्त हैं और अब इस अपराध को छिपने के लिए कहीं भी जगह नहीं मिलेगी। सौ दिन के इस गहन जागरूकता अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है और इसका आखिरी चरण 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समाप्त होगा। इस बाल विवाह मुक्ति रथ के प्रस्थान के दौरान सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

