गोंडा। समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव पवन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत चुनाव की मतदाता सूची तैयार करने में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दोषी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और निगरानी में लगे राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में सपा नेता ने आरोप लगाया है कि वजीरगंज विकास खंड की ग्राम पंचायतों में तैनात बीएलओ एवं उनकी निगरानी के लिए नियुक्त राजस्व विभाग के लेखपालों को सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्पक्ष और ईमानदारी से नहीं किया। पवन सिंह ने आरोप लगाया कि कई ग्राम पंचायतों में बीएलओ ने भ्रष्ट प्रधानों और प्रत्याशियों से धन लेकर शादीशुदा एवं मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए, जबकि जानबूझकर कुछ चिन्हित परिवारों के नाम काट दिए गए। उन्होंने कहा कि कई गांवों में प्रधानों को खुश करने के उद्देश्य से पूरे-पूरे परिवारों के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि बीएलओ की मिलीभगत से विपक्षी प्रत्याशियों के समर्थकों के नामों में जानबूझकर गड़बड़ी कराई गई, वहीं अगल-बगल के गांवों के लोगों के नामों को भी फर्जी तरीके से मतदाता सूची में जोड़ दिया गया। सपा नेता का दावा है कि वजीरगंज ब्लॉक की प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगभग 100 से 300 मतदाताओं के नामों में हेराफेरी की गई है। इसके अतिरिक्त, पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि तहसील स्तर पर मतदाता सूची तैयार करने में लगे कुछ कर्मियों ने भी कथित रूप से पैसे लेकर डाटा ऑपरेटरों के माध्यम से कई घरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। सपा नेता पवन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिन ग्राम पंचायतों में 10 से 20 से अधिक नामों में अनियमितता पाई गई है, वहां संबंधित बीएलओ का मानदेय तत्काल रोका जाए, उन्हें निलंबित कर नए बीएलओ की नियुक्ति की जाए तथा पुनः आपत्ति के दौरान जोड़े और काटे गए नामों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि गांव की सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से बन सके।
