05 जनवरी। माघ मेला 2026 प्रयागराज परेड ग्राउंड सेक्टर 3 स्थित संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से कला संगम के आयोजन में होने वाले कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण मशहूर पंजाबी/सूफी गायिका चंडीगढ़ की ममता जोशी ने कबीर की निर्गुण विचारधारा से प्रेरित प्रसिद्ध दोहे " जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहि, सब अंधियारा मिट गया, जब दीपक देखया माहि"।
"चदरिया झीनी रे झीनी" मन्त्र मुग्ध भजन से शुरूआत किया।
"मेरे राम गाड़ी वाले, जरा हल्के गाड़ी हांको"
"भला हुआ मेरी गगरी टूटी"
"लाली मेरे लाल की जित देखूं तित लाल"
"मेरे राम की कृपा से सब काम हो रहा है"
"दमादम मस्त कलंदर"
आदि तमाम मोहक भजनों से जनता को बांधे रखा।
आज के कला संगम में विजय चन्द्रा प्रयागराज ने अपने की-बोर्ड वादन (इलेक्ट्रॉनिक सिन्थेसाइजर) से प्रथम शुरूआत करके सबका मन मोह लिया।
राज्यपाल द्वारा सम्मानित हरप्रीत कौर व टीम वाराणसी ने.".ओ पालन हारे, निर्गुण और न्यारे, तुम्हरे बिन हमरा कोई नाही".
"श्रद्धा भक्ति का मेला है, दुनिया में अलबेला है,आओ सब प्रयागराज में लगा माघ का मेला है"
"कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना". भजन को प्रस्तुत कर सबको मन्त्र मुग्ध कर दिया।
तीसरी प्रस्तुति मशहूर दिवारी पई डंडा लोक नृत्य जो लाठियों से युद्ध को नृत्य करके प्रस्तुत किया महोबा से आये विपिन यादव व टीम के द्वारा। जनता ने मन्त्र मुग्ध हो इस लोक नृत्य का आनन्द उठाया।
आस्था गुप्ता व टीम ने द्रौपदी चीर हरण पर श्रीकृष्ण द्वारा द्रौपदी की रक्षा का कथक नृत्य द्वारा बहुत रोचक नृत्य नाटिका का मंचन कर सबका मन मोह लिया।
उद्घोषक अभिजीत मिश्रा ने मंच का सुन्दर संचालन कर जनता को बांधे रखा।
सभी कलाकारों व टीमों को नोडल अधिकारी एवं निदेशक उप्र नाट्य अकादमी शोभित नाहर व गुलाम सरवर द्वारा अंगवस्त्र व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

