नारी सशक्तिकरण के लिए 'समग्र विकास केंद्र' के रूप में स्थापित होंगे 'तारा शक्ति केंद्र' - डॉ राजेश्वर सिंह
एक अनोखी पहल!
संवेदनशीलता और कर्तव्यपरायंत की मीसाल!
पहली बार विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सराहनीय पहल !
सरोजनीनगर में खुले 5 नए 'तारा शक्ति सिलाई सेंटर
नारी सशक्तिकरण के लिए 'समग्र विकास केंद्र' के रूप में स्थापित होंगे 'तारा शक्ति केंद्र' - डॉ राजेश्वर सिंह
दिवाकर सिंह
लखनऊ। किसी भी देश की प्रगति महिलाओं की उन्नति में ही निहित है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा महिलाओं को सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेक कदम उठाएं गए हैं। महिला सशक्तिकरण के संकल्प को चरितार्थ करने की सबसे मजबूत कड़ी है 'तारा शक्ति केंद्र' जिसे सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने 'समग्र विकास केंद्र' के रूप में स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों का उद्देश्य सरोजनीनगर की सभी महिलाओं के सर्वांगीण विकास है।
सरोजनीनगर में 55 सिलाई सेंटर स्थापित—
100 'तारा शक्ति केंद्र' स्थापित करने के संकल्प क्रम में गुरूवार को सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने आशियाना, पराग चौराहा स्थित विधायक कार्यालय पर 5 नए 'तारा शक्ति केंद्रों' का शुभारंभ किया। ये केंद्र विशेषकर क्षेत्र की निराश्रित महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए खोले गए हैं। माता तारा सिंह की चित्र पर पुष्पार्पित कर विधायक ने खटोला कलस्टर, सैदपुर पुरही कलस्टर, रहीमनगर पडियाना कलस्टर, चन्द्रावल कलस्टर, अलीनगर खुर्द कलस्टर की शुरूआत की। निराश्रित महिलाओं को समर्पित इन 5 सिलाई सेंटरों पर 7-7 सिलाई मशीनें वितरित की गई जिनमें 5 मोटराइज्ड सिलाई मशीनें, 1 पीको व 1 इंटरलॉकिंग मशीनें प्रदान की गई।
भाई दूज के अगले दिन डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजनीनगर की निराश्रित महिलाओं को दिया 5 नए 'तारा शक्ति केंद्रों' का उपहार
साथ ही महिलाओं को सिलाई किट व साड़ियां भी विधायक द्वारा भेंट की गई। इसके अलावा इस कार्यक्रम में सरोजनीनगर विधायक ने 10 मेधावियों को साइकिल एवं 5 मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट प्रदान किया। इन 5 सेंटरों की स्थापना के साथ ही सरोजनीनगर में कुल सिलाई सेंटरों की संख्या 55 हो चुकी है। अब तक स्थापित हुए तारा शक्ति केंद्रों में 500 से अधिक सिलाई मशीनें प्रदान की गई है जिससे 1,500 से अधिक महिलाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। डॉ. राजेश्वर सिंह का संकल्प क्षेत्र की हर महिला को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का है।
समग्र विकास केंद्रों' में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ मिलेगी सभी योजनाओं की जानकारी, बेटियां बनेंगी डिजिटल साक्षर
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जब एक महिला काम करने के लिए घर से बाहर निकलती हैं तो यह उनकी आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी होती है। इससे उनमें आत्मविश्वास व आत्मसम्मान में वृद्धि होती है, उनका एक्सपोज़र बढ़ता है, इससे परिवार के सर्वांगीण विकास में मदद मिलती है, वह बच्चों की शिक्षा व मार्गदर्शन करने में बेहतर स्थिति में होती है, समाज में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ती है, साथ ही देश की बढ़ती जीडीपी में अहम भूमिका निभाती हैं। आज भारत की जीडीपी में महिलाओं की 18 प्रतिशत भागीदारी है, हमारा संकल्प महिलाओं को हमें स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना है, जब महिलाओं की जीडीपी में भागीदारी 50 प्रतिशत होगी तो हिंदुस्तान विश्व का सबसे मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित हो जाएगा।
तारा शक्ति केंद्र' बनें 'समग्र विकास केंद्र'—
भाई दूज के अगले दिन क्षेत्र की महिलाओं को अनूठा उपहार देते हुए विधायक ने महिलाओं को कार्य के लिए प्रशिक्षण, अवसर व सुविधा-संसाधन उपलब्ध कराने 'तारा शक्ति केंद्र' को 'समग्र विकास केंद्र' के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया जहां महिलाओं के सशक्तिकरण के अवसर तथा हर सुविधा-संसाधन उपलब्ध होंगे। यहां कंप्यूटर्स की भी व्यवस्था होगी, जहां बेटियों को कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे डिजिटली साक्षर बन सकें।
साथ ही यहां महिलाओं से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही वृद्धा-विधवा-पारिवारिक पेंशन, बेटियों के लिए छात्रवृत्ति एवं योजनाओं के फॉर्म भी इन्हीं केंद्रों में भरवाएं जाएंगे तथा उसकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी। इसका संचालन भी महिलाओं द्वारा किया जाएगा जिसके माध्यम से महिलाएं खुद की एवं दूसरे की मदद भी कर सकेंगी। यहां बच्चों के एडमिशन, बेटियों के लिए करियर काउंसलिंग एवं सभी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त होगी।
विधायक ने लोगों की मांगों को किया पूर्ण—
इस दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने जनता से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं और उसका निवारण किया। हरौनी निवासी किरण गुप्ता को व्यापार करने के लिए पूर्व में की गई मांग को पूरा करते हुए विधायक की ओर से लोहे की गुमटी बनाकर उपलब्ध कराई गई। चंद्रावल निवासी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन लता को गांव में कार्य करने के लिए तत्काल एक मोबाइल खरीद कर देने का निर्देश दिया।



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