
प्रयागराज: मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करने में लीन हैं।
मस्जिदों व घरों में कुरान का पाठ करके अल्लाह के दिखाए मार्ग पर चलने का
संकल्प ले रहे हैं। समस्त बुराइयों से तौबा करके इंसानियत की राह पर चलने
को रोजेदार संकल्पित हैं। खुदा की इबादत का पाक महीना
रमजान चल रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करने
में लीन हैं। मस्जिदों व घरों में कुरान का पाठ करके अल्लाह के दिखाए मार्ग
पर चलने का संकल्प ले रहे हैं। समस्त बुराइयों से तौबा करके इंसानियत की
राह पर चलने को रोजेदार संकल्पित हैं। दिनभर भूखे-प्यासे रहकर शाम को
इफ्तार में लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे हैं। मौसम को देखते हुए
खाने-पीने में रोजेदार विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
रोजेदारों को खान-पान में विशेष ध्यान देने की जरूरत
तापमान इधर निरंतर बढ़ रहा है। ऐसे में रोजेदारों को खान-पान में विशेष
ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. अर्पणधर दुबे बताते हैं कि रोजा के दौरान
लंबे समय तक मुस्लिम समुदाय के लोग बगैर भोजन-पानी के रहते हैं। ऐसे में
उनको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। खाने में इम्युनिटी व पानी की
मात्रा संतुलित करने वाली वस्तुओं को शामिल करें। इस मौसम में जरूरी है कि
हर कोई अपने शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित रखे। तली-भुनी चीजे,
ज्यादा मसालेदार, मैदा आदि से बनी वस्तुओं के सेवन से परहेज करना चाहिए।
सहरी और इफ्तार के दौरान मौसमी फल, सब्जियों का सेवन करें। ऐसा करने से
शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
-फलों का जूस, नींबू पानी, लस्सी, मट्ठा का सेवन करें।
-रात के भोजन में चिकन, अंडा, चावल, मल्टीग्रेन रोटी इत्यादि शामिल कर सकते हैं।
-मसालों में जीरा, मेथी, अजवाइन, दालचीनी एवं काली मिर्च का प्रयोग जरूर करें।
-तुलसी पत्ते का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए।
