प्रयागराज: यूपी विधानसभा चुनाव में काफी उलटफेर हुआ है। जिन्हें हारा कहा जा रहा था वो जीत गए और जिन पर संशय था वो जीत चुके हैं। अगर बात प्रयागराज जिले में जीत-हार की हो तो और भी मामला दिलचस्प हो जाता है। 12 विधानसभा सीट पर 123 से अधिक उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। एक विधानसभा शहर उत्तर को छोड़ दिया जाय तो कांग्रेस के उम्मीदवार 11 विधानसभाओं में जमानत नहीं बचा पाए।
बसपा के उम्मीदवार भी नहीं बचा सके जमानत
प्रयागराज में 123 उम्मीदवार जमानत जब्त करा चुके हैं। बड़ी बात यह कि कांग्रेस के 11 उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा चुके हैं। यहीं हाल बसपा के उम्मीदवारों का भी रहा है। इलाहाबाद शहर उत्तरी में बसपा के उम्मीदवार दस हजार का भी आकड़ा पार नहीं कर सके। आम आदमी पार्टी, एआइएमआइएम सहित अन्य छोटे दाल के उम्मीदवार सात हजार में ही सिमट कर रह गए। शहर में 12 विधानसभा सीट पर 169 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। सभी सीटों पर भाजपा और सपा के उम्मीदवारों के बीच काटे की टक्कर रही। शहर उत्तर में भाजपा, सपा,कांग्रेस और बसपा के बीच सीधा मुकाबला रहा। वहीं अन्य सीटों पर द्विकोणीय मुकाबला भाजपा व भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार और सपा के बीच रहा। साफ है कि चुनाव मैदान में उतरे तमाम प्रत्याशी इतने भी मत नहीं हासिल कर सके कि अपनी जमानत बचा सकें।
ऐसे होती है जमानत जब्त
अलग-अलग चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र भरते समय प्रत्याशी को निर्धारित धनराशि सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा करनी होती है। जब कोई प्रत्याशी चुनाव में कुल मतों का छठवां हिस्सा प्राप्त करने में विफल हो जाता है तो आयोग यह राशि जब्त कर लेता है।
