प्रयागराज: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में 100 स्मार्ट सिटी की घोषणा की थी। उस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। अगले चरण में ग्रामीण विकास पर जोर है। स्मार्ट गांव की भी संकल्पना रखी जा चुकी है। इसे कैसे मूर्त रूप दिया जाए इस दिशा में अलग अलग कार्य योजनाएं बनाई जा रही है। योगी सरकार 2.0 के मंत्रिमंडल बंटवारे में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास मंत्रालय देकर उत्तर प्रदेश में इसकी जिम्मेदारी उन्हें सौप दी गई है। प्रधानमंत्री के खास माने जाने वाले केशव अब स्मार्ट गांव और आदर्श गांव के लिए रोड मैप तैयार करेंगे साथ ही उसे मूर्त रूप भी दिलाएंगे। इससे निश्चित रूप से 2024 की राह आसान होगी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत पर भी अमल किया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश में उप मुख्यमंत्री केशव ने लोक निर्माण विभाग मंत्री के रूप में ढेरों परियोजनाएं शुरू कीं। इसका लाभ प्रयागराज, कौशांबी और प्रतापगढ़ को भी मिला। लगभग सभी मुख्य सड़कें चौड़ी की गईं। उन पर संसाधनों का विकास भी हुआ। फ्लाईओवर व आरओबी बनाने की दिशा में भी खूब काम हुआ। अब ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर एवं सार्वजनिक उद्यम तथा राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के माध्यम से नई जिम्मेदारी मिली है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों, ग्राम सचिवालयों, ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का प्रयोग, पेयजल की व्यवस्था सहित तमाम क्षेत्रों में संसाधन बढऩे की उम्मीद जगी है। प्रयागराज व कौशांबी में अमरूद, केला, सब्जी, आलू, प्रतापगढ़ में आंवला के लिए प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा सकेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ लोकल फार वोकल की दिशा में भी सफलता प्राप्त होगी। ओडीओपी योजना के तहत भी इन जिलों में कुछ खास होने की उम्मीद जगी है। इन सब के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखकर केंद्र से चलने वाली योजनाओं के भी बेहतर नतीजे प्राप्त हो सकेंगे। बताया जा सकेगा कि डबल इंजन की सरकार का जनता को क्या लाभ मिल रहा है। उम्मीद है जल्द ही 100 दिन की कार्ययोजना भी जारी कर दी जाएगी।
केशव मौर्य से प्रयागराज को है काफी उम्मीद, स्मार्ट शहर के बाद स्मार्ट गांव बनाने की जगी आस
Wednesday, March 30, 2022
0
Tags
