रांची. झारखंड विधानसभा में सोमवार को बड़ा ही अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला. दरअसल आज एक तरफ आजसु पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो हेलमेट पहनकर विधानसभा पहुंचे. वहीं दूसरी ओर विपक्ष को धरने पर बैठा देखकर सत्ता पक्ष के विधायक भी धरने पर बैठ गए. थोड़ी देर के लिए यह नजारा देखकर सदन में मौजूद लोग हैरान हो गए. हालांकि इस दौरान सुदेश महतो ने कहा कि जगह-जगह पुलिस को लगाया गया है. मुझे घर से बोला गया था कि आप हेलमेट पहुंचकर विधानसभा जाएं ताकि किसी तरह की अप्रिय वारदात आपके साथ ना हो . सुदेश महतो यह भी कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है हम यहां आदिवासी मूलवासी के लिए मांग कर रहे हैं और हमारे खिलाफ ही जगह-जगह बैरकेडिंग किया गया है.उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड प्रदेश से चार हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. रांची में सिर्फ जनहित के मुद्दे को लेकर इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लगाया गया है. हेमंत सरकार का यह तुगलकी फरमान ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला है.धरणे पर बैठक गए आजसु और माले विधायक
बता दें, आज आजसू विधायक लंबोदर महतो 1932 के खतियान के आधार पर राज्य में स्थानीय और नियोजन नीति लागू करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. वहीं भाजपा सरकार की स्थानीय नीति रद करने को लेकर माले विधायक विनोद सिंह भी देने लगे. इस दौरान लंबोदर महतो ने कहा कि झारखंड में 1932 के खतियान के आधार पर ही स्थानीय नीति बननी चाहिए. यह नीति नहीं बनने के कारण झारखंड के युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है. वहीं विनोद सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार का स्थानीय एवं नियोजन नीति के कारण ही सारा बखेड़ा खड़ा हुआ है. इसलिए वर्तमान सरकार को तुरंत इसे रद्द करते हुए नई नीति बनानी चाहिए.
JMM विधायक भी बैठे धरने पर
वहीं दूसरी तो झामुमो विधायक मथुरा महतो और सुदीप्य सोनू भी विधानसभा मुख्य द्वार पर धरना पर बैठे. सुदीप्य सोनू ने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर भाजपा पिछले दिनो से हंगामा पर रही है. उसपर पूर्व की रघुवर सरकार का रुख अलग था. रघुवर दास ने मुख्यमंत्री रहते कहा था कि 27 प्रतिशत ओबीसी को आरक्षण का प्रस्ताव नहीं है. अब किस मुंह से भाजपा यह मांग कर रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आजसू सिर्फ जनता के बीच अपना अपना चेहरा बचा रही है.
