भीलवाड़ा. भीलवाड़ा जिले में सरकारी स्कूल की एक महिला टीचर (Teacher) की ओर से बांटी गई धर्म विरोधी किताब ( religion book) को लेकर विवाद हो गया. टीचर ने स्टूडेंट्स को कहा कि इस किताब को पढ़कर भगवान में आपका विश्वास खत्म हो जाएगा. टीचर ने भगवान राम और ब्रह्मा के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की. उसके बाद बच्चों ने पेरेंट्स को इस बारे में बताया तो वे स्कूल पहुंचे और उन्होंने टीचर के खिलाफ प्रदर्शन किया. मामले के तूल पकड़ने के बाद आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में गिरफ्तार टीचर को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया. शिक्षा विभाग ने टीचर को एपीओ कर दिया है.पुलिस के अनुसार मामला आसींद के रूपपुरा गांव के सरकारी स्कूल से जुड़ा है. यहां महिला टीचर निर्मला कामड़ की ओर से 3 मार्च को स्टूडेंट्स को ‘हिन्दुइज्म धर्म या कलंक’ शीर्षक की किताब बांटी गई थी. स्कूल के 12वीं क्लास के एक स्टूडेंट ने बताया कि टीचर निर्मला कामड़ देवी-देवताओं के बारे में गलत भावना फैला रही थी. किताब लेने के बाद बच्चे जब इसको लेकर घर गये और उन्होंने परिजनों को इस बारे में बताया तो वे भड़क उठे.मामला बिगड़ा तो टीचर को किया एपीओ
उसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे हाथोंहाथ स्कूल पहुंचे और उन्होंने टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. माहौल बिगड़ने पर स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग को मामले से अवगत कराया. हालात को देखकर शिक्षा विभाग आरोपी टीचर निर्मला कामड़ को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया. लेकिन ग्रामीण इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुये.
कोर्ट ने आरोपी टीचर को भेजा जेल
आक्रोशित ग्रामीण अगले दिन फिर स्कूल पहुंचे और आरोपी टीचर के खिलाफ मामला दर्ज उसकी गिरफ्तारी की मांग की. लगातार दूसरे दिन स्कूल में माहौल बिगड़ने पर मामला पुलिस तक पहुंच गया. ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुये पुलिस ने आरोपी टीचर निर्मला कामड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. बाद में टीचर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा ठंडा हुआ.
