सिख नरसंहार के पीडितो की स्मृति में दिल्ली में "राष्ट्रीय स्मारक" स्थापित किया जाए।
नैनी प्रयागराज/भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज अरैल मे चौपाल लगाकर 1984 मे देश में सिख नरसंहार में मारे गए हजारों सिख परिवारों के शहीदों को शत शत नमन किया गया।
भाजपा नेता पूर्व मंडल अध्यक्ष हरे कृष्ण तिवारी बबलू ने कहा कि 1984 में सिख समाज के साथ जो अमानवीय अत्याचार और नरसंहार हुआ,वह भारतीय इतिहास का एक बेहद दर्दनाक और काला अध्याय है। कांग्रेस शासनकाल में हुई इस त्रासदी ने हजारों निर्दोष सिख परिवारों को उजाड़ दिया।आज भी सिख समाज उस दर्द, उस अन्याय और उस अपूरणीय क्षति को नहीं भूला है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने वर्षों बाद भी कांग्रेस ने इस त्रासदी के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ जवाबदेही स्वीकार नहीं की है।इतिहास को भुलाया नहीं जा सकता और न ही निर्दोषों के बलिदान को। कांग्रेस को सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए और दोषियों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
संजय श्रीवास्तव पूर्व कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि
हम न भूले हैं,न भूलेंगे।1984 के वो ज़ख्म आज भी हमारे दिलों में ताज़ा हैं। जिन सिख परिवारों ने अपनों को खोया, जिन घरों ने अपने चिराग खोए, उनका दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता।इस राजनीतिक क्रूर मानसिकता का हम सब घोर निंदा करते हैं ‘लोकतंत्र बचाओ,अराजकता हटाओ’हमारे हजारो बेगुनाह सिख परिवारों को श्रद्धांजलि!
पंडित दामोदर तिवारी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री से अपील करते हैं कि वर्ष 1984 में देश के विभिन्न भागों में हुए सिख नरसंहार के पीडितो की स्मृति में दिल्ली में राष्ट्रीय स्मारक स्थापित किया जाए।
श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि देने मे प्रमुख रूप से हरे कृष्ण तिवारी बबलू,महेश वर्मा,श्री रवि सिंह, दामोदर प्रसाद तिवारी,राम जी श्रीवास्तव,डॉक्टर जी.के,संजय श्रीवास्तव,किशन कुशवाहा,गुलाब कुशवाहा,बबलू तिवारी,कृष्ण कुमार शुक्ला,ध्रुव तिवारी,सरदार पतविन्दर सिंह, गुड्डू वर्मा सहित कई सामाजिक स्वयंसेवक उपस्थित हुए।

