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| 29 अक्टूबर को बारिश से खेत जलमग्न, 30 अक्टूबर को हवा चलने से जमीन पर गिरी धान की फसल |
प्रदीप बच्चन (व्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी)।तूफान के असर से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश और हवा के चलते जनपद के कई क्षेत्रों में धान की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने और पककर तैयार धान की फसल जमीन पर गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
29 अक्टूबर को तूफान का असर कम रहा। हवा नहीं चलने के कारण बूंदाबांदी होती रही, लेकिन खेतों में पानी भरने से फसल प्रभावित हुई।
वहीं, 30 अक्टूबर को बारिश अपेक्षाकृत दिन मे तो कम हुई, लेकिन रात्रि 10 से 11 बजे तेज हवा व तेज वारिश के चलने से पकी हुई धान की फसल खेतों में गिर गई। इससे किसानों को कटाई और फसल समेटने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील सिकंदरपुर क्षेत्र के ग्राम-रुद्रवार निवासी संतोष कुमार के धान की फसल बुरी तरह से तहस नहस हो गई है। वहीं जनपद के अन्य गांव के किसानों के धान की फसल का काफी नुकसान हुआ है। किसानों के लिए यह नुकसान दोहरी मार जैसा है। एक ओर खेतों में जलभराव है, तो दूसरी ओर जमीन पर गिरी फसल के दाने खराब होने और उपज प्रभावित होने की आशंका है। किसानों को अब मौसम साफ होने और खेतों से पानी निकलने का इंतजार है। प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए नुकसान का आकलन किया जाना जरूरी है


