बलिया (यूपी) / वाराणसी:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर बीएचयू (BHU) अस्पताल पहुंची सात वर्षीय दिव्यांग रागिनी पिछले दो दिनों से भर्ती है, लेकिन उसके पैर के ऑपरेशन को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। परिजनों का आरोप है कि इलाज की प्रक्रिया में अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क हादसे में गंवाया था एक पैर:
मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्रामसभा अंतर्गत रानीपुर गांव निवासी देवेंद्र राजभर की बेटी रागिनी बचपन में एक सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवा बैठी थी। इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और तीन बार ऑपरेशन होने के बाद भी एक पैर के सहारे रोजाना करीब 400 मीटर की दूरी तय कर स्कूल पढ़ने जाती रही। उसकी प्रेरणादायक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसके बेहतर इलाज और शिक्षा में मदद का आश्वासन दिया था।
10 अक्टूबर की मिली थी तारीख, फिर भी स्थिति स्पष्ट नहीं:
तत्कालीन जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की पहल पर रागिनी के इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के तहत मनियर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दिग्विजय कुमार परिजनों के साथ उसे बीएचयू लेकर पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को ऑपरेशन की तारीख तय की गई थी, लेकिन अस्पताल में अब तक उपचार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
अस्पताल में पूछताछ करने वाला कोई नहीं—पिता:
रागिनी के पिता देवेंद्र राजभर ने दुख जताते हुए कहा कि उनकी बेटी दो दिनों से अस्पताल के बेड पर है, मगर उन्हें ऑपरेशन के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। वहीं, रागिनी की मां बबीता देवी ने बताया कि अस्पताल में उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। आने-जाने और अन्य खर्चे भी उन्हें अपनी जेब से ही उठाने पड़ रहे हैं, जिसके चलते परिवार निराश होकर रागिनी को वापस गांव लौटने का मन बना चुका है।
जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ी मुश्किलें:
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए जब मनियर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दिग्विजय कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन नहीं उठा। इससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, परिजनों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में तुरंत संज्ञान लेंगे, ताकि नन्ही रागिनी का समय पर सफल उपचार सुनिश्चित किया जा सके।


