रिपोर्ट: प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ) एवं रमजान अहमद (पत्रकार)
बलिया (उत्तर प्रदेश): विकास खण्ड मनियर एवं तहसील सिकंदरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बालूपुर (कसमापुर) के मुख्य मार्ग पर नालियों के निर्माण न होने से स्थिति बद से बदतर बनी हुई है। हल्की बारिश में ही पूरी सड़क जलमग्न होकर कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे स्थानीय निवासियों, राहगीरों और स्कूली छात्र-छात्राओं को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
20 वर्षों से बदहाली झेलने को मजबूर ग्रामीण
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे बीते 20 वर्षों से इस मुख्य मार्ग की दुर्दशा और जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क किनारे जल निकासी (नाली) की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या के स्थाई समाधान के रूप में नाली निर्माण कराया जा सकता है, परंतु प्रशासनिक ढिलाई और राजनीतिक उपेक्षा के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सरकारी स्कूल के मार्ग पर बुरा हाल
विक्रम के दरवाजे से लेकर सतीश यादव, भक्ति राम यादव, भूरा गुप्ता, संतोष ठाकुर एवं बच्चे लाल के घर तक का पूरा संपर्क मार्ग कीचड़ युक्त पानी से भर जाता है। पास में ही स्थित सरकारी प्राथमिक/माध्यमिक स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना इस जहरीले पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे हादसों का अंदेशा और बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना रहता है।
उप जिलाधिकारी से न्याय की गुहार
सड़क की जर्जर हालत और नारकीय जीवन से त्रस्त ग्रामीणों, राहगीरों और विद्यार्थियों ने अपनी गहरी नाराजगी व दुःख व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों तथा उप जिलाधिकारी (SDM) सिकंदरपुर का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए जल्द से जल्द नाली निर्माण व सड़क की मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है।


