एक दिवसीय मिलेट्स महोत्सव एवं कृषक जागरूकता गोष्ठी का किया गया आयोजन
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एक दिवसीय मिलेट्स महोत्सव एवं कृषक जागरूकता गोष्ठी का किया गया आयोजन

 


*मा0 सदस्य विधान परिषद एवं मा0 विधायक कोरांव के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का किया गया शुभारम्भ*


*कार्यक्रम में मा0 जनप्रतिनिधिगणों के द्वारा लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ से कराया गया लाभान्वित*


*प्रयागराज 27 अक्टूबर, 2026।*


मा0 सदस्य विधान परिषद श्री सुरेन्द चौधरी तथा मा0 विधायक कोरांव श्री राजमणि कोल की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पंचायत सभागार मे जनपद स्तरीय एक दिवसीय मिलेट्स महोत्सव ंएवं कृषि सूचना तंत्र के सुदढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता अभियान कार्यक्रम अन्तर्गत जनपद स्तरीय रवी गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मा0 विधायक कोरांव श्री राजमणि कोल, श्री सुरेन्द्र चौधरी जी, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह, उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) प्रयागराज मण्डल प्रयागराज श्रीमती शिप्रा, उप कृषि निदेशक प्रयागराज श्री पवन कुमार विश्वकर्मा, श्री विनोद कुमार राय, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रयागराज, श्री एम0पी0 सिंह-कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र-छाता, डा0 डी0एस0 चौहान, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र-नैनी, श्री मनीष केसरवानी, कृषि वैज्ञानिक शुआट्स-नैनी, प्रसार, डा0 अपर्णा सिंह, प्रक्षेत्र प्रबन्धक, श्री पीयूष कुमार राय, क्षेत्रीय निदेशक, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा पुष्पगुच्छ एवं पौध देकर मा0 विधायकगण का स्वागत किया गया, कार्यक्रम में एवं कृषि वैज्ञानिक, कुल भाष्कर कृषि महाविद्यालय समेत कृषि विभाग एवं जनपद के अन्य अधिकारी/कर्मचारी, कृषि सखी तथा जनपद के कृषक एवं बहनों द्वारा प्रतिभाग किया गया।


     कार्यक्रम के शुभारम्भ के उपरान्त तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिक श्री मनीष कुमार, कुलभाष्कर आश्रम डिग्री कालेज अपने वक्तव्य की शुरूआत उत्तम आहार एवं उत्तम व्यवहार के साथ की। अन्न को सही से ग्रहण किया तो औषधि वरना यह जहर का रूप ले लेता है। मिलेट्स शब्द नया नहीं है, इसकी खेती सदियों से की जाती रही है। आज ,खाद्य सुरक्षा की नहीं अपितु खाद्य एवं पोषण सुरक्षा की बात होती है। मिलेट्स में पोषक तत्वों की अधिकता होती है जिसे हम मोटा अनाज समझकर खेत से एवं थाली से अलग कर दिये हैं वह वर्तमान में पोषण सुरक्षा की दृष्टि में बहुत महत्वपूर्ण है। मिलेट्स दो प्रकार का होता है। मेजर मिलेट्स एवं माइनर मिलेट्स। मेजर मिलेटस के अन्तर्गत ज्वार, बाजरा, रागी आदि आते हैं। जबकि माइनर मिलेट्स के अन्तगर्त कोदो, कंगनी, कुटकी आदि आते हैं। जो कम खाद, कम पानी एवं विषम परिस्थियों मंे भी उत्पादित हो सकते हैं। वर्तमान में मिलेट्स के कुल क्षेत्रफल में 61प्रतिशत बाजरा, 29 प्रतिशत ज्वार, 10 प्रतिशत रागी एवं 1 प्रतिशत क्षेत्रफल में अन्य मिलेट्स उत्पादित होते हैं। साथ ही उन्होंने समय से बुवाई, बीज शोधन, उर्वरक नियंत्रण खरपतवार प्रबन्ध एवं मृदा परीक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी।


       श्री सुरेश कुमार दूबे सलाहकार राष्ट्रीय खाद्य एवं पोषण मिशन ने विभाग में चल रही योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध करायी। जनपद में 23 बीज भण्डार एवं 23 कृषि रक्षा इकाइयॉ हैं जिनमें 40 से 50 प्रतिशत की दर से बीज एवं कृषि रक्षा रासायन उपलब्ध कराये जाते हैं जिसके लिए कृषकों का up.agridarshan.gov.in में पंजीकृत होना आवश्यक है। बीज प्राप्त करने के लिए बीजों की बुकिंग पोर्टल के माध्यम से की जाती है एवं कृषकों का चयन ई-लॉटरी प्रक्रिया से होता है।


      उप कृषि निदेशक द्वारा सभी का अभिनन्दन करते हुए विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गयी। उन्होंने मिलेट्स के बारे में किसानों को जानकारी दी एवं उसके उत्पादन हेतु कृषकों से अपील की। मिलेट्स के बीज हेतु कृषि विभाग से सम्पर्क करने हेतु कृषकों को अवगत कराया।


       मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद में योजनाओं के सुचारू रूप से संचालन एवं उसके समयबद्ध अनुश्रवण हेतु निर्देशित किया गया जिससे कृषकों को समय से समस्त योजनाओं का लाभ दिया जा सके।


     माननीय विधायक कोरांव श्री राजमणि कोल द्वारा भारत माता के जयघोष एवं जय जवान जय किसान के नारे के साथ अपने सम्बोधन का प्रारम्भ किया। उन्होंने समस्त अधिकारियों, कृषक बन्धुओं का अभिनन्दन करते हुए विभाग के बारे में अवगत कराया। वर्तमान में अनाज से होने वाली समस्या ,उनसे सम्बन्धित बीमारियों के बारे में अवगत कराया। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि जब गेहॅू चावल की खेती नहीं होती थी तो प्रचुर मात्रा में मोटे अनाज का उत्पादन होता था परन्तु गेहूॅ एवं चावल ने मोटे अनाजों को खेतों से हटाकर उनका स्थान ले लिया है। जिसके लिए उन्होंने अधिकारियों को कृषकों को जागरूक करने हेतु एवं कृषकों को मिलेट्स की खेती करने हेतु प्रेरित किया।

 

      डा0 योगेश श्रीवास्तव ने मिट्टी में पाये जाने वाले सभी पोषक तत्वों के सम्बन्ध में कृषकों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होने खेती में किस अनुपात में खाद डाली जाय इसका निर्धारण मृदा परीक्षण के माध्यम से करते हुए अधिक उपज प्राप्त करने हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया तथा वर्तमान खान पान से होने वाली समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही मिलेट्स से मानव शरीर को मिलने वाले पोषक तत्वों के बारे में चर्चा की एवं ज्वार एवं बाजरा को अपने दैनिक भोजन में शामिल करने हेतु कहा।


      माननीय विधान परिषद सदस्य श्री सुरेन्द्र चौधरी द्वारा श्रीअन्न के बारे में लोगों की भ्रान्ति को दूर करते हुए इसे मोटा अनाज या खराब पोषण न मानते हुए पोषण में शामिल करने की अपील की। कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड लेने हेतु प्रोत्साहित किया एवं उसके बारें में जानकारी दी। कृषि से सम्बन्धित योजनाओं के बारे में जागरूक करने हेतु उप कृषि निदेशक को कहा गया। कार्यक्रम के अन्त में माननीय मुख्य अतिथियों द्वारा चामू आर्गेनिक एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी को फार्म मशीनरी बैंक की चाबी एवं श्रीमती राजकुमारी जी को सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन अन्तर्गत कम्बाइन हार्वेस्टर विथ सुपर सीडर की चाबी सौंपी गई एवं श्री सूर्यभान सिंह, श्री उदयभान सिंह एवं श्रीमती लक्ष्मी सिह को मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं श्री प्रमोद कुमार, श्री नन्द लाल, ब्लाक उरूवा एवं श्री प्रमोद कुमार एवं श्रीमती संगीता देवी ब्लॉक शंकरगढ़ को सोलर ट्रैप एवं श्री मनोज कुमार मालवीय को सरसों मिनीकिट देकर मुख्य अतिथि महोदय द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीति त्रिपाठी द्वारा किया गया।


     अंत में सहायक निदेशक मृदा परीक्षण द्वारा मुख्य अतिथि जी की अनुमति से कृषकों, अधिकारियों, मीडिया सेल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गयी।

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