प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (उत्तर प्रदेश):
विधानसभा क्षेत्र बांसडीह के अंतर्गत ग्राम आस चौरा और चौकन में शुक्रवार (2 अक्टूबर) की शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब जितिया (जिवित्पुत्रिका) व्रत की तैयारी के दौरान मडुआ के आटे की रोटी खाने से कई महिलाओं और बच्चों की हालत अचानक बिगड़ गई। पीड़ितों को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, जितिया व्रत के नियम (नहाय-खाय/ओठगन) के तहत मडुआ की रोटी का सेवन करने के कुछ ही देर बाद लोगों को पेट दर्द, उल्टी और जी मिचलाने जैसी स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते कई बच्चों और महिलाओं की हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजनों ने तुरंत उन्हें निकटतम स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी में पहुँचाया।
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट हो गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर और अस्पताल पहुँचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बीमारी का कारण खाद्य विषाक्तता (फूड पॉइजनिंग) है या आटे में किसी तरह की मिलावट, इसकी सटीक पुष्टि खाद्य सुरक्षा विभाग की जाँच और सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
मामले की जानकारी मिलते ही बांसडीह की स्थानीय विधायक Ketki Singh (केतकी सिंह) भी अस्पताल पहुँचीं। उन्होंने भर्ती मरीजों का हालचाल जाना, डॉक्टरों को त्वरित व समुचित इलाज के निर्देश दिए और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

