प्रयागराज। गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर मंडलायुक्त कार्यालय में सादे एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के दौरान मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन से हमें धैर्य, सहनशीलता और संयम की प्रेरणा मिलती है। प्रतिकूल और विपरीत परिस्थितियों में भी शांत रहकर विवेकपूर्ण निर्णय लेना ही गांधी जी की असली सीख है।
गांधी जी के जीवन का एक प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए मंडलायुक्त ने बताया कि लंदन यात्रा के दौरान जहाज पर अंग्रेजों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के बावजूद गांधी जी ने अपना आपा नहीं खोया। उन्होंने किसी भी उकसावे का अनुचित प्रतिकार करने के बजाय असीम धैर्य का परिचय दिया। मंडलायुक्त ने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विषम क्यों न हों, हमें अपनी प्रतिक्रियाओं पर नियंत्रण रखते हुए संयमित व्यवहार करना चाहिए।
समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को भी याद किया गया। मंडलायुक्त ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन सार्वजनिक सेवा में अनुशासन और निष्ठा की अनुपम मिसाल है। उन्होंने अपने आचरण से सिद्ध किया कि राष्ट्रसेवा में पद से अधिक महत्वपूर्ण ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति समर्पण है। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से दोनों महान विभूतियों के पदचिह्नों पर चलने और उनके आदर्शों को अपने दैनिक जीवन व कार्यशैली में आत्मसात करने की अपील की।


