प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (एनसीजेडसीसी) में रविवार को 'व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी' और संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्त्वावधान में तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश लोक संस्कृति उत्सव’ (लोक रंग, माटी के संग) की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘‘संगीत सप्तरंग’’ नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया।
लोक कलाओं के लिए बनेगा 5 हजार क्षमता का ऑडिटोरियम
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार लोक कलाओं को जीवंत रखने, उनके संवर्धन, संरक्षण और विलुप्त होने से बचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने NCZCC के निदेशक को लोक कलाओं के संवर्धन और बड़े आयोजनों के लिए परिसर में 5,000 की क्षमता वाला एक भव्य ऑडिटोरियम बनाने की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनहित और कला के विकास से जुड़े कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
6 से 8 सितंबर तक चलने वाले इस उत्सव के पहले दिन 400 से अधिक कलाप्रेमियों की मौजूदगी में कई शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए:
लोकगीत व लोकनृत्य: संस्था के बच्चों ने ‘सोना झरल’, ‘बामन बनगयो कृष्ण मुरारी’ जैसे लोकगीतों और ‘बरसन लगी बजरिया’ पर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी।
ब्रज व अवधी बयार: वृंदावन की सुप्रसिद्ध गायिका श्रीमती आस्था गोस्वामी ने ‘आनंद घर नाचत है गणपति’ की सुमधुर प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
धोबिया नृत्य: गाजीपुर से आए श्री जीवन राम और उनके साथियों ने पारंपरिक 'धोबिया नृत्य' की ऊर्जावान प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।
प्रतियोगिताओं में दिखा हुनर
उत्सव के पहले सत्र में आयोजित लोकगीत और चित्रकला प्रतियोगिताओं में स्थानीय युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विजेताओं को नगद धनराशि और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान चायल विधायक श्रीमती पूजा पाल, संस्था की संस्थापक मधुरानी शुक्ला, डॉ. मृत्युंजय राव परमार, श्री अवधेश गुप्ता, श्रीमती अनीता त्रिपाठी, यमुनापार अध्यक्ष श्री राजेश शुक्ला सहित साहित्य और कला जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
7 सितंबर के मुख्य आकर्षण
उत्सव के दूसरे दिन (सोमवार) सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकगायक श्री दिनेश यादव पारंपरिक 'बिरहा गायन' पेश करेंगे। इसके बाद एक भव्य कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. विनम्र सेन, डॉ. कमलेश राय, श्री समीर शुक्ला और डॉ. श्लेष गौतम जैसे दिग्गज कवि काव्य पाठ करेंगे।


