संवाददाता प्रयागराज (06 सितंबर 2026)
प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित होटल रेडिसन में ‘प्रयागराज एवं कौशाम्बी: विकास की अमृत धारा’ विषय पर एक भव्य एवं बौद्धिक वार्ता का आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में प्रयागराज और कौशाम्बी के गणमान्य बुद्धिजीवियों, वरिष्ठ चिकित्सकों, अधिवक्ताओं और पेशेवरों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया। संवाद कार्यक्रम का कुशल संयोजन वरिष्ठ कर सलाहकार एवं वित्त विशेषज्ञ डॉ. पवन जायसवाल ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उप-मुख्यमंत्री माननीय श्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2017 से अब तक राज्य की डबल-इंजन सरकार द्वारा दोनों जिलों में किए गए ऐतिहासिक विकास कार्यों और प्राथमिकताओं का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।
शिक्षा और बुनियादी ढाँचे का कायाकल्प उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि 19-बिंदु मानक के तहत प्रयागराज और कौशाम्बी के सरकारी स्कूलों को पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है। अब स्कूलों में शुद्ध पेयजल, टाइलयुक्त अलग-अलग शौचालय, स्मार्ट ब्लैकबोर्ड और मजबूत चारदीवारी जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी छलांग
महाकुंभ कैबिनेट बैठक के निर्णयों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रयागराज नगर निगम और पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड (Park Medi World Limited) की साझेदारी में अरैल घाट के पीछे 550 बिस्तरों वाला विशाल मल्टी-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही, मोतीलाल नेहरू (MLN) मेडिकल कॉलेज में केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित 220 बिस्तरों वाले नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को संचालित कर दिया गया है।
आवास, डिजिटल कनेक्टिविटी और मुफ्त राशन
पक्के मकान व पीएमजीकेएवाई: मिट्टी की झोपड़ियों को समाप्त कर लाखों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ‘पीएम आवास योजना’ के तहत पक्के घर दिए गए हैं। 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के माध्यम से लाखों परिवारों को नियमित रूप से मुफ्त राशन, दालें और तेल उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल साक्षरता और डिजिटल बैंकिंग: भारतनेट योजना के तहत कौशाम्बी (सिराथू, मूरतगंज) और प्रयागराज की ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाया गया है। 'पीएमजीदिशा' (PMGDISHA) के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को डिजिटल साक्षर बनाया गया। वहीं ग्रामीण डाकघरों को माइक्रो-एटीएम से लैस कर 'आधार-सक्षम बायोमेट्रिक' भुगतान की व्यवस्था शुरू की गई, जिससे सीधा बैंक जाए बिना गरीबों को सब्सिडी मिल रही है।
सड़कें, पर्यटन और आध्यात्मिक कॉरिडोर विकास
कौशाम्बी पर्यटन स्थल से प्रयागराज तक ₹295.44 करोड़ की लागत से 43.7 किमी लंबी 4-लेन कनेक्टिविटी हाईवे का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय द्वारा ₹613 करोड़ की विशेष योजनाएँ समर्पित की गई हैं।
डबल-इंजन सरकार ने प्रयागराज में आध्यात्मिक आयोजनों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹7,500 करोड़ से अधिक खर्च किए हैं। लेटे हनुमान मंदिर, अलोपी देवी और मनकामेश्वर मंदिर के लिए आंतरिक सड़क कॉरिडोर का विकास हुआ। कौशाम्बी को बौद्ध सर्किट के तहत बुद्ध थीम पार्क, विपश्यना केंद्र और कड़ा धाम के माँ शीतला कॉरिडोर के रूप में नया स्वरूप दिया गया है।
महिला सशक्तिकरण, रोजगार और जीरो-टॉलरेंस नीति
राज्य के बड़े महिला आउटरीच के तहत प्रयागराज से ₹1,000 करोड़ से अधिक की राशि 1.60 लाख महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई। हजारों बीसी-सखियों (BC-Sakhis) को तकनीकी उपकरण देकर ग्रामीण बैंकिंग की कमान सौंपी गई। कौशाम्बी महोत्सव और सांसद खेलकूद प्रतियोगिता (16,000+ डिजिटल पंजीकरण) के जरिए युवा प्रतिभाओं को उभारा गया।
अंत में उप-मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2014 (केंद्र) और 2017 (राज्य) से भाजपा सरकार ने संगठित अपराध और माफिया सिंडिकेट के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस नीति' अपनाई है, जिससे प्रयागराज और कौशाम्बी में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास योजनाओं का लाभ (PM किसान, उज्ज्वला आदि) सीधे पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुँच रहा है।Keshav Prasad Maurya Targets SP in Prayagrajयह वीडियो प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के राजनीतिक और विकासात्मक बयानों की झलक प्रस्तुत करता है।


