बलिया (उत्तर प्रदेश): सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत महथापार निवासी और अपनी हंसमुख कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले प्रसिद्ध साइकिल व मोटर साइकिल मैकेनिक मो० सलाउद्दीन (43 वर्ष) पुत्र मो० गफूर अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सलाउद्दीन न केवल एक कुशल मैकेनिक थे, बल्कि अपनी बातों और हास्य विनोद से लोगों के दिलों को जीतने वाले इंसान भी थे। बीते 25 अगस्त (मंगलवार) को अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल लखनऊ ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने दो-तीन दिनों तक उनका उपचार किया। स्थिति में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें अन्य अस्पताल के लिए डिस्चार्ज कर दिया।
इसके बाद परिजन उन्हें बेलथरारोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहाँ से उन्हें मऊ रेफर कर दिया गया। मऊ में भी डॉक्टरों द्वारा भर्ती करने से इंकार करने के बाद, 1 सितंबर को परिजन उन्हें वापस गाँव ला रहे थे कि रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
दिवंगत सलाउद्दीन अपने पीछे पत्नी रुकसाना, विदेश में कार्यरत पुत्र आरिफ अहमद तथा चार पुत्रियों—आरजू खातून, अपसारा खातून, अफरिन खातून और अल्फिया खातून को छोड़ गए हैं।
सलाउद्दीन के पार्थिव शरीर को स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक (दफनाया) किया गया, जहाँ जनाजे में सैकड़ों स्थानीय लोगों ने शिरकत कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दुआ की।

