मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन समिति की बैठक सम्पन्न
• गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों की जियो टैगिंग और पर्याप्त चारा-पानी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश
प्रयागराज, 28 सितम्बर:
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा के निर्देशन में सोमवार को संगम सभागार में राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन की जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हर्षात सिंह ने की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी गौ संरक्षण के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ करें। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए शासन को सिफारिश पत्र भेजा जाएगा।
गौशालाओं की व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने गौशालाओं में संरक्षित सभी गौवंशों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग (Geo-Tagging) कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने गौ आश्रय स्थलों पर निम्नलिखित व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा:
खान-पान की व्यवस्था: प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, चोकर और साइनेज बोर्ड की उपलब्धता रहे। यदि हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न हो, तो विकल्प के रूप में साइलेज (Silage) की आपूर्ति की जाए।
रजिस्टर का रखरखाव: सभी गौ आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर और पशु टीकाकरण से संबंधित रजिस्टरों को व्यवस्थित ढंग से बनाकर रखा जाए।
नियमित निरीक्षण: पशु चिकित्सा अधिकारी स्वयं गौशालाओं का भ्रमण व निरीक्षण करें और पाई जाने वाली कमियों का तत्काल निस्तारण कराएं।
पौधरोपण की टैगिंग: गौशालाओं में वृक्षारोपण अभियान के तहत लगाए गए जिन पौधों की जियो टैगिंग अभी तक नहीं हुई है, उन्हें समय रहते पूरा कराया जाए।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी (BDO) एवं संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

