प्रयागराज, 17 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू), प्रयागराज में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर एक मानवीय व सामाजिक सरोकार से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय, राजकीय क्षय रोग चिकित्सालय और भारतीय स्टेट बैंक (सिविल लाइंस, प्रयागराज) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षय रोगियों को 'पोषण पोटली' का वितरण किया गया।
शिक्षकों ने लिया गोद, चरितार्थ हुआ 'सेवा ही संकल्प'
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी क्षण वह रहा जब विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने क्षय रोग पीड़ितों को गोद लिया और अपने हाथों से उन्हें पोषण पोटली वितरित की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के "टीबी मुक्त भारत" के संकल्प को साकार करना और रोगियों को मानसिक व सामाजिक संबल प्रदान करना है।
कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु एवं संबोधन:
कुलसचिव कर्नल विनय कुमार: विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के स्वास्थ्य के प्रति भी संवेदनशील है। टीबी एक उपचार योग्य बीमारी है, जिसमें उचित पोषण, नियमित दवा और सकारात्मक मानसिकता की मुख्य भूमिका होती है।
वित्त अधिकारी श्रीमती पूनम मिश्रा: बीमारी के समय मानसिक संबल और पौष्टिक आहार ही सबसे बड़ी औषधि है। उन्होंने रोगियों को दवाओं का पूरा कोर्स लेने और संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मेजर डॉ. एस.के. सिंह (राजकीय क्षय रोग चिकित्सालय): टीबी के लक्षणों, बचाव और उपचार की आधुनिक सुविधाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रोटीन व विटामिन युक्त आहार से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही सरकार द्वारा 'निक्षय पोषण योजना' के तहत दी जा रही सहायता का लाभ उठाने की अपील की।
श्रीमती गरिमा श्रीवास्तव (शाखा प्रबंधक, एसबीआई): स्वस्थ समाज का निर्माण सामूहिक दायित्व है। बैंक वित्तीय सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में भी अग्रणी भूमिका निभाता है।
यमुना परिसर में वृहद वृक्षारोपण
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय की कृषि विज्ञान विद्या शाखा की ओर से यमुना परिसर में वृहद वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया।
आयोजन एवं संचालन:
इस पूरे कार्यक्रम का संयोजन स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा द्वारा किया गया तथा कुशल संचालन प्रोफेसर मीरा पाल ने किया। कार्यक्रम में राजकीय क्षय रोग चिकित्सालय से श्री अशोक कुमार शुक्ला, श्री शिवेन्द्र सिंह सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
(रिपोर्ट: डॉ. प्रभात चन्द्र मिश्र, जनसंपर्क अधिकारी)



