प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी) मनियर इंटर कॉलेज में बाढ़ पीड़ितों के लिए वितरित की जा रही राहत सामग्री को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को स्थानीय सभासदों ने एक वीडियो वायरल कर वितरण प्रक्रिया में भारी अनियमितता और पक्षपात के आरोप लगाए हैं।
पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को बांटी जा रही सामग्री: सभासद
वार्ड नंबर 10 के सभासद राजकुमार गुप्ता का कहना है कि सोमवार को जिस सूची के आधार पर राहत सामग्री बांटी गई, उसमें असली पात्रों को शामिल ही नहीं किया गया। सूची में अपात्र लोगों के नाम जोड़कर राहत सामग्री का बंदरबांट किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरी सूची को सार्वजनिक किया जाए और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सभासद प्रतिनिधि अभिमन्यु राजभर ने बताया कि पूरे नगर पंचायत में 'बहेरा पार' ही एक ऐसा वार्ड है जो पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। इसके बावजूद इस वार्ड के दर्जनों वास्तविक बाढ़ पीड़ित राहत सामग्री से वंचित रह गए हैं, जबकि नगर पंचायत के सैकड़ों ऐसे लोगों ने फर्जी तरीके से नाम जुड़वा लिया है जिनका बाढ़ से कोई लेना-देना नहीं है।
सभासद रवि वर्मा भी वायरल वीडियो में इन आरोपों की पुष्टि करते नजर आ रहे हैं।
सूची तैयार करने में लगे सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली पर अब बाढ़ पीड़ितों द्वारा गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि उच्च स्तरीय जांच के बाद ही इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो सकेगा।
"शिकायत राहत सामग्री के वितरण के बाद सामने आ रही है। मामले की जांच कराने के बाद ही आगे का वितरण किया जाएगा।"
— महातम (लेखपाल, नगर पंचायत)
"यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। प्रकरण की जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।"
— पुष्कर मिश्रा (उप जिलाधिकारी, बांसडीह)


