गोंडा (ब्यूरो रिपोर्ट - शिव शरण):
गोंडा जिले में कजरी तीज के पावन अवसर पर प्रदेश के सबसे बड़े आयोजनों में शामिल कजरी तीज मेले में सोमवार देर रात से ही आस्था का महासैलाब उमड़ पड़ा। रात 12 बजे से मंगलवार तड़के 4 बजे के बीच ही 13 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रमुख शिवालयों में लगी भक्तों की लंबी कतारें
एशिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर और ऐतिहासिक दुःखहरण नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इसके अलावा जिले के अन्य प्रसिद्ध शिवालयों—बाबा कारोहानाथ, बालेश्वर नाथ और बरखंडी नाथ—में भी लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया।
वर्तमान में 3 लाख से अधिक श्रद्धालु अभी भी दुःखहरण नाथ और पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
35 से 45 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा
आस्था और श्रद्धा का आलम यह रहा कि श्रद्धालु 35 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर दुःखहरण नाथ मंदिर और करीब 45 किलोमीटर की दूरी तय करके बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर पहुंचे।
इसी क्रम में सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने भी करनैलगंज के सरयू घाट से दुःखहरण नाथ मंदिर तक 35 किलोमीटर की पैदल यात्रा की और जलाभिषेक किया। उन्होंने अपने पिता बृजभूषण शरण सिंह के दोबारा सांसद बनने की मनोकामना के साथ पूजा-अर्चना की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 3 हजार पुलिसकर्मी और ड्रोन तैनात
मेले को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गोरखपुर जोन से 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है।
भीड़ नियंत्रण के लिए 20 से अधिक होल्डिंग एरिया
दुःखहरण नाथ मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने लाल बहादुर शास्त्री चौराहे से मंदिर तक 20 से अधिक 'होल्डिंग एरिया' बनाए हैं। यहां श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से रोक-रोककर आगे भेजा जा रहा है ताकि जलाभिषेक सुगम और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।



