माघ मेला-2027: SCADA प्रणाली से होगी जल और बिजली की रियल-टाइम निगरानी, 10 सितंबर तक अपलोड होंगे टेंडर
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माघ मेला-2027: SCADA प्रणाली से होगी जल और बिजली की रियल-टाइम निगरानी, 10 सितंबर तक अपलोड होंगे टेंडर

 


प्रयागराज: माघ मेला-2027 को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में मेला प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, जल निगम और विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मेला अधिकारी श्री ऋषिराज और नगर आयुक्त श्री साईं तेजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


बैठक के दौरान लिए गए प्रमुख निर्णयों एवं विभागीय तैयारियों का विवरण इस प्रकार है:


1. SCADA प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट


मेला क्षेत्र के किसी एक सेक्टर में जल एवं विद्युत व्यवस्था की रियल-टाइम (वास्तविक समय) निगरानी के लिए SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) प्रणाली लागू की जाएगी।


जल आपूर्ति: पाइपलाइन में पानी के दबाव, जल प्रवाह, जलाशयों के जलस्तर और वाल्व संचालन का डिजिटल नियंत्रण होगा।


विद्युत व्यवस्था: पावर फीडर, बिजली की खपत, सप्लाई स्थिति और तकनीकी खराबी की तुरंत पहचान के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

2. टेंडर प्रक्रिया की समयसीमा (10 सितंबर तक)

विभिन्न विभागों द्वारा कार्यों के टेंडर तय समय में पूरे किए जाएंगे:


मेला प्राधिकरण: टेंटेज, फर्नीचर, टिन फैब्रिकेशन, लैंड लेवलिंग, टॉयलेट व सक्शन मशीन से जुड़े सभी 06 टेंडर।


लोक निर्माण विभाग (PWD): सभी 10 टेंडर।


जल निगम: कुल 14 में से 06 टेंडर।


विद्युत विभाग: सभी 35 टेंडर।


3. जल शोधन और बीओडी (BOD) स्तर पर सख्ती


सीवेज और ग्रे-वॉटर के उपचार के बाद ही पानी नदियों में छोड़ा जाएगा।


पानी में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) बढ़ाने और जैविक पदार्थों के बेहतर डीकंपोजिशन के लिए एरेटर (Aerator) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।


जल निगम को निर्देशित किया गया है कि उपचारित जल का बीओडी स्तर और गुणवत्ता मानक के अनुरूप बनी रहे, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

4. श्रमिकों की सुरक्षा और जल स्तर प्रबंधन


श्रमिक सुरक्षा: फीकल मैटर और सीवेज प्रबंधन में लगे कर्मचारियों को दस्ताने, सुरक्षा परिधान और पीपीई किट देना अनिवार्य होगा।


जल प्रवाह प्रबंधन: सिंचाई विभाग टिहरी बांध से नरौरा बैराज तक जल प्रवाह पर निरंतर नजर रखेगा, ताकि मेले के दौरान संगम पर जलस्तर नियंत्रित रहे।


मंडलायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय, स्वच्छता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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