प्रयागराज ((3 सितंबर 2026): मंडलायुक्त के निर्देशों के अनुपालन में आम जनमानस को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार (3 सितंबर 2026) को शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान क्विक कॉमर्स डिलीवरी पॉइंट (बिग बास्केट, ब्लिंकिट), प्रसिद्ध रेस्टोरेंट और डेयरी प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण किया गया।लापरवाही व भारी गंदगी पाए जाने पर सिविल लाइंस स्थित सरदार जी रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है, जबकि 5 अन्य प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कार्रवाई का मुख्य विवरण:
सरदार जी रेस्टोरेंट (सिविल लाइंस): निरीक्षण के दौरान परिसर एवं किचन में अत्यधिक गंदगी पाई गई। इसके चलते प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार (सुधार होने तक) तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और नोटिस थमाया गया। गुणवत्ता के संदेह में पनीर का नमूना लिया गया और मौके पर फैला कचरा नष्ट कराया गया।
बिग बास्केट डिलीवरी पॉइंट (जॉर्ज टाउन): शरबत का नमूना एकत्र किया गया। एक्सपायरी सामग्री को अलग रखने, फूड हैंडलर्स को प्रॉपर यूनिफॉर्म, फोटो आईडी व मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए गए। कमियों पर नोटिस जारी किया गया और लगभग 25 किलोग्राम खराब आलू मौके पर नष्ट कराया गया।
ब्लिंकिट स्टोर (तेलियरगंज): सचल दल द्वारा खाद्य सामग्रियों का सघन निरीक्षण किया गया। कार्यरत स्टाफ के मेडिकल सर्टिफिकेट एवं 'फॉस्टेक' (FoSTaC) ट्रेनिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया।
श्याम डेयरी (मुंडेरा): मिलावट के संदेह में खोया (मावा) का नमूना संग्रहित कर जांच के लिए भेजा गया।
मॉर्निंग इन रेस्टोरेंट (मुट्ठीगंज): पानी की नवीनतम जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट एवं कर्मचारियों का मेडिकल सर्टिफिकेट न पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया।
महादेव फेमस समोसा (मंफोर्डगंज): परिसर में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संग्रहित किए गए सभी खाद्य नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006' के सुसंगत प्रावधानों के तहत संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंडलायुक्त के आदेशानुसार शहरवासियों की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए यह सघन चेकिंग व प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।


