प्रयागराज। औद्योगीक विकास एवं निवेश प्रोत्साहन कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मंगलवार को राजश्री मंडपम में आयोजित बाल विकास सेवा, पुष्टाहार एवं महिला कल्याण विभाग के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान सैम (गंभीर कुपोषित) और मैम (मध्यम कुपोषित) श्रेणी से उबरकर सामान्य पोषण स्तर प्राप्त करने वाले बच्चों, उनके माता-पिता, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र तथा उपहार देकर सम्मानित किया गया।
अयोध्या कार्यक्रम का सजीव प्रसारण और मानदेय वृद्धि पर आभारसमारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया। मंत्री नंदी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹12,000 और सहायिकाओं का मानदेय ₹6,000 करने के साथ-साथ ₹5 लाख तक की निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा व स्मार्टफोन्स की उपलब्धता से यह व्यवस्था और अधिक सशक्त हुई है।
डबल इंजन सरकार की प्राथमिकताओं में कुपोषण मुक्तिमंत्री नंदी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल पोषण वितरण का जरिया नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक जागरूकता के केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण का ही नतीजा है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चों ने कुपोषण को पीछे छोड़कर स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाए हैं।
प्रशासकीय समन्वय और जिला स्तर पर उपलब्धियां
मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को योजनाओं की अंतिम कड़ी बताते हुए नियमित सत्यापन और गुणवत्तापूर्ण सेवा देने पर जोर दिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि प्रयागराज में 22 परियोजनाओं के जरिए 4,499 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। जनपद और तहसील स्तर पर कुल मिलाकर 115 कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने राजकीय बाल गृहों और महिला शरणालयों में उत्कृष्ट सेवा देने वाली अधीक्षिकाओं तथा परीक्षा में बेहतर अंक लाने वाले 06 बच्चों के सम्मान की जानकारी दी।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, जिला विकास अधिकारी जी.पी. कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी द्वारा किया गया।


