प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (उत्तर प्रदेश)
सिकंदरपुर (बलिया): विधानसभा क्षेत्र सिकंदरपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गोसाईंपुर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। गांव में नाली और खड़ंजे की कमी के कारण आए दिन सड़कों पर पानी और कीचड़ भरा रहता है, जिससे न केवल ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि यह क्षेत्र पड़ोसियों के बीच रोज-रोज के विवाद का मुख्य केंद्र भी बन गया है।
20 वर्षों से जल निकासी की व्यवस्था नहीं
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी रास्तों पर जमा रहता है, जिससे हर समय दुर्घटना और बीमारियों का खतरा बना रहता है। दैनिक आवागमन के लिए ग्रामीणों को इसी कीचड़युक्त और बदबूदार मार्ग से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान, नई नाली और खड़ंजा निर्माण के लिए ग्राम पंचायत से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा शासन-प्रशासन के चक्कर लगाए जा चुके हैं। कई बार लिखित और मौखिक शिकायतों के बावजूद इस गंभीर जनसमस्या पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
जिलाधिकारी से त्वरित कार्रवाई की गुहार
प्रशासनिक उपेक्षा से क्षुब्ध ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बलिया का ध्यान इस जनसमस्या की ओर आकृष्ट कराया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द पक्की नाली एवं खड़ंजे का निर्माण कराया जाए, ताकि जल निकासी सुचारू हो सके और लोगों को आवागमन में हो रही असुविधा व रोज-रोज के आपसी विवादों से मुक्ति मिल सके।

